बावधन, 25 अक्टूबर
(आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
छात्राें काे अपनी कानूनी शिक्षा के प्रति समर्पण और ईमानदारी का दृष्टिकाेण अपनाते हुए विश्लेषणात्मक साेच, बेहतर तर्कशक्ति, पेशेवर नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करना जरूरी है.
कानूनी ज्ञान का अंतिम लाभ आम आदमी तक पहुंचना चाहिए और इससे समाज के सभी वर्गाें के लिए न्याय पाना आसान बनना चाहिए. यह विचार बाॅम्बे हाईकाेर्ट (औरंगाबाद खंडपीठ) के न्यायाधीश संजय ए. देशमुख ने व्यक्त किए. वे एसईएफ के सूर्यदत्त लाॅ काॅलेज द्वारा आयाेजित विशेष व्याख्यान में बताैर मुख्य अतिथी बाेल रहे थे. ‘हमारे दैनिक जीवन में कानून का महत्व’ विषय पर उन्हाेंने छात्राें काे मार्गदर्शन किया.छात्राें काे कानून की व्यावहारिक प्रासंगिकता, न्याय प्रणाली के संचालन और भावी कानूनी पेशेवराें की जिम्मेदारियाें के बारे में उनकी समझ काे बढ़ाने के लिए इस विशेष व्याख्यान का आयाेजन किया गया था. कार्यक्रम में पुणे बार एसाेसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एड. पांडुरंग थाेरवे, सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक-अध्यक्ष प्राे.डाॅ. संजय बी. चाेरडिया समेत सूर्यदत्त लाॅ काॅलेज में बीबीए एलएलबी, बीए एलएलबी, एलएलएम और डिप्लाेमा कार्यक्रमाें के 400 से अधिक छात्र, शिक्षक, कर्मचारी अन्य लाेगाें के साथ उपस्थित थे.
सूर्यदत्त लाॅ काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. दीपक तायवाड़े ने स्वागत किया. उन्हाेंने कानून की शिक्षा काे समृद्ध बनाने के लिए न्यायपालिका के प्रतिष्ठित सदस्याें के साथ शैक्षणिक जुड़ाव के महत्व पर बल दिया.
कानून के शासन का सम्मान करना जरूरी ः न्या. देशमुख कानून की जानकारी नागरिकाें काे अपने अधिकाराें की रक्षा करने, अपने कर्तव्याें का जिम्मेदारी से पालन करने और समझदारी भरे निर्णय लेने में सक्षम बनाती है. कानून के शासन का सम्मान करना सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने, विवादाें काे शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और न्याय, निष्पक्षता तथा समानता काे बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक है.