गुलटेकड़ी, 25 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) विजयादशमी (दशहरा) के दिन गुलटेकड़ी मार्केट यार्ड में लगे ट्रैफिक जाम और लगातार चार दिनों तक होती रही बिजली कटौती के कारण व्यापारियों, ग्राहकों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बिजली की सुचारू आपूर्ति न होने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. महावितरण की इस कार्यप्रणाली पर मद पूना मर्चेंट्स चेंबरफ ने गहरा रोष व्यक्त किया है. चेंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बाठिया ने मांग की है कि आने वाले दीवाली के त्यौहार के दौरान ऐसी समस्याओं को दोबारा होने से रोकने के लिए संबंधित विभाग तुरंत आपसी समन्वय बनाएं और ठोस कदम उठाएं. व्यापारी वर्ग का आरोप है कि बाजार में पिछले एक महीने से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है. बार-बार शिकायत करने के बावजूद महावितरण के अधिकारियों ने इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया है. इसके परिणामस्वरूप, लगातार चार दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. बिजली न होने के कारण कंप्यूटर और अन्य प्रणालियां बंद पड़ गईं. इसके फलस्वरूप, ई-वे बिल तैयार नहीं किए जा सके, जिससे माल का परिवहन और आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई. इसके अलावा, कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ कैडबरी, बटर और अन्य खाद्य पदार्थों का लाखों रुपये का सामान खराब हो गया. इस संबंध में चेंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बाठिया ने कहा, महावितरण व्यापारियों से नियमित रूप से बिजली बिल की वसूली करती है. लेकिन, बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण व्यापारियों को जो लाखों रुपये का नुकसान हुआ, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा, बाजार में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए जरूरी केवल 100 मीटर केबल समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी. इस वजह से व्यापारियों को चार दिन अंधेरे में बिताने पड़े. इस साल पहली बार मार्केट यार्ड गुड़-भूसा (अनाज) विभाग में दशहरा का त्यौहार अंधेरे में मनाना पड़ा. इस लापरवाही और देरी के कारण दशहरे जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार के दौरान व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. बाजार की समस्याएं बार-बार न हों और शिकायतों का समय पर निवारण हो सके, इसके लिए एक स्थायी समन्वय समिति गठित करने की मांग चेंबर ने की है. इस समिति में चेंबर के व्यापारी प्रतिनिधि, बाजार समिति, पुलिस, यातायात पुलिस, सुरक्षा व्यवस्था, महावितरण के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए. इस समिति की महीने में कम से कम एक बार बैठक होनी चाहिए, जिसमें बाजार की समस्याओं, यातायात व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और व्यापारियों की शिकायतों की समीक्षा की जाए. साथ ही, बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर तय की जानी चाहिए, यह मांग भी चेंबर ने की है.
पूरे व्यापार क्षेत्र पर इसका विपरीत असर होता है दिवाली व्यापारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण त्यौहार है. इस दौरान बाजार में बड़े पैमाने पर सामान की आवाजाही होती है. ऐसे समय में यदि ट्रैफिक जाम होता है, तो इसका असर पूरे व्यापार और लेन-देन पर पड़ता है. इसलिए बाजार समिति, यातायात पुलिस, महावितरण और व्यापारी प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक तुरंत बुलाई जानी चाहिए. इसमें यातायात प्रबंधन और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए एक ठोस कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए. संबंधित विभागों को केवल बैठकें करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर प्रत्यक्ष कार्रवाई करनी चाहिए. - राजेंद्र बाठिया अध्यक्ष, दि पूना मर्चेंट्स चेंबर
नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
महावितरण की लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई क्या व्यापारियों को मिलेगी? यह सवाल व्यापारियों ने उठाया है. दीपावली के समय बाजार में गेंदे के फूलों सहित विभिन्न सामानों की भारी आवक होती है. इसलिए इस दौरान यातायात का सही प्रबंधन और नियोजन करना आवश्यक है. विजयादशमी के दिन बाजार में भारी ट्रैफिक जाम हो गया, जिससे व्यापारियों, ग्राहकों और आम नागरिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. सब्जी मंडी विभाग में ‘मेस्को’ सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है, लेकिन गुड़ एवं अनाज (भूसार) विभाग की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं है, जबकि ‘सेस’ का भुगतान दोनों विभागों में बराबर होता है, तो फिर यह भेदभाव क्यों?