चेन्नई, 26 अ्नटूबर (वि.प्र.)
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और द्रमुक नेता अनबिल महेश पाेय्यामाेझी काे चेन्नई पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी निजी स्कूलाें काे सरकारी मंजूरी और मान्यता दिलाने के नाम पर किए गए कथित 100 कराेड़ के घाेटाले के सिलसिले में की गई है.
अग्रिम जमानत याचिका खारिज : मद्रास हाईकाेर्ट के जस्टिस वी. लक्ष्मणनारायणन ने साेमवार काे अनबिल महेश की अग्रिम जमानत याचिका काे खारिज कर दिया.
अदालत का मानना था कि पुलिस के पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और हिरासत में पूछताछ जरूरी है.अदालत से झटका लगने के तुरंत बाद चेन्नई पुलिस की उउइ टीम ने उन्हें चेन्नई के अमीनजीकरई इलाके से हिरासत में ले लिया.
क्या है पूरा मामला? 100 कराेड़ की रिश्वत का आराेप : अनबिल महेश पर आराेप है कि साल 2021 से 2026 के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्हाेंने और उनके सहयाेगियाें ने तमिलनाडु के करीब 177 निजी स्कूलाें से सरकारी अनुमति, मान्यता और अपग्रेडेशन के बदले पार्टी फंड के नाम पर कराेड़ाें रुपये वसूले थे.
सितंबर में पड़े थे छापे : इस मामले काे लेकर इसी साल 16 सितंबर काे उउइ ने अनबिल महेश के चेन्नई और तिरुचि स्थित आवास सहित 6 से अधिक ठिकानाें पर छापेमारी की थी.इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले में मनी लाॅन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की थी.डीएमके नेतृत्व और समर्थकाें ने इस पूरी कार्रवाई काे राजनीति से प्रेरित बताया है.