अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महिला परिषद में ‌‘स्त्री शक्ति, नेतृत्व और मानसिक स्वास्थ्य‌’ पर विचार मंथन

    28-Oct-2026
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 चिंचवड़, 27 अक्टूबर (आ.प्र.)

बौद्ध धर्म में प्रज्ञा, करुणा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को रेखांकित करते हुए महिला नेतृत्व, ऐतिहासिक योगदान, वैश्विक भिक्खुणी परंपरा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विभिन्न विषयों पर चिंचवड़ में शनिवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महिला परिषद में विचार-मंथन किया गया. डॉ. उज्ज्वला अंदुरकर, डॉ. संध्या हरिभक्त, डॉ. वैशाली भामरे और लक्ष्मीकांता माने ने इस सम्मेलन का आयोजन किया था. विज्डम इन मोशन, कैटलिस्ट फाउंडेशन और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी) के संयुक्त तत्वावधान में प्रो. रामकृष्ण मोरे ऑडिटोरियम में यह परिषद संपन्न हुई. इस परिषद में ज्ञान से नेतृत्व, संवाद से समाज निर्माण करने तथा बौद्ध मूल्यों को समाज में आत्मसात करने के बारे में चर्चा की गई. इस परिषद में लगभग एक हजार उपासक- उपासिकाओं ने उपस्थिति दर्ज कराई. देश- विदेश की बौद्ध भिक्खुणियों, शोधकर्ताओं, विचारकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं ने इस परिषद में भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध वंदना के साथ हुई. तत्पश्चात बुद्ध गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया गया. इसके बाद वियतनामी बौद्ध परंपरा के मंत्रोच्चार प्रस्तुत किए गए. परिषद की मुख्य अतिथि, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. विमल थोरात ने आह्वान किया कि बुद्ध और आंबेडकरी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए अब ‌‘जेन जी‌’ पीढ़ी को पहल करनी चाहिए.