‌‘सूर्यदत्त‌’ में पारंपरिक रुप से ‌‘नवरंग गरबा‌’ का भव्य आयोजन

बावधन में संस्था के कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए सांस्कृतिक प्रतिभाओं का सम्मान

    28-Oct-2026
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बावधन, 27 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
पारंपरिक संस्कृति की झलक, गरबा की लय, डांडिया की गूंज और नवरंगों की मनमोहक छटा के बीच सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के बावधन कैंपस में ‌‘सूर्यदत्त नवरंग गरबा‌’ का भव्य आयोजन किया गया. सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से पूरा कैंपस संगीत, नृत्य और उल्लास से सराबोर हो उठा. ‌‘सूर्यदत्त नवरंग गरबा‌’ में विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा उनकी कला का सम्मान करने के लिए नौ पुरस्कार श्रेणियां निर्धारित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों के लिए पांच पुरस्कार श्रेणियां - पारंपरिक वेशभूषा (पुरुष और महिला), नर्तक (पुरुष और महिला) और सर्वश्रेष्ठ समूह प्रस्तुति. वहीं, कर्मचारियों के लिए चार विशेष श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा (पुरुष और महिला कर्मचारी) शामिल थे. संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय बी. चोरड़िया के मार्गदर्शन तथा उपाध्यक्षा सुषमा चोरड़िया के प्रोत्साहन से ऐसे आयोजनों को विशेष महत्व दिया जाता है. सह-उपाध्यक्षा स्नेहल नवलखा ने कहा कि, ‌‘सूर्यदत्त नवरंग गरबा‌’ परंपराओं के सम्मान और नई पीढ़ी की ऊर्जा का उत्सव है. ऐसे आयोजन सूर्यदत्त परिवार में एकता और सामूहिकता की भावना को और मजबूत बनाते हैं. सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया ने कहा, सूर्यदत्त में शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है. संस्कृति की जड़ों को मजबूत बनाते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना ही सूर्यदत्त की समग्र शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है.