शिक्षा को उद्योग जगत से जोड़ना जरूरी : प्रो. गोवर्धन दास

नीति आयोग के सदस्य ने डीवाईपीआईयू के दीक्षांत समारोह में कहा

    28-Oct-2026
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 आकुर्डी, 27 अक्टूबर (आ.प्र.)

डॉ. डी. वाय. पाटिल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (डीवाईपीआईयू), पुणे का छठा दीक्षांत समारोह बड़े उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ. इस अवसर पर कुल 1,107 विद्यार्थियों को उपाधियां (डिग्रियां) प्रदान की गईं. इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट के छात्र शामिल थे. समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग (भारत सरकार) के सदस्य प्रो. गोवर्धन दास थे. उन्होंने उच्च शिक्षा को देश की विकास संबंधी जरूरतों के अनुरूप बनाने पर जोर देते हुए कहा कि, शिक्षा को उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं और समाज की अपेक्षाओं से जोड़ना जरूरी है. प्रो. दास ने शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को भी हाईलाइट किया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक है. इसके लिए इनोवेशन, अनुसंधान, उद्यमिता और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान किया गया. 8 संकायों के कुल 1,107 छात्रों में से 943 को स्नातक उपाधियां प्रदान की गईं. 4 संकायों के 158 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधियां दी गईं, इसके अलावा 06 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया. समारोह की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष सतेज डी. पाटिल ने की. उन्होंने सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई दी.  
 
छात्र ज्ञान और कौशल का उपयोग देश की प्रगति हेतु करें

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. जी. सतीश रेड्डी भी समारोह में उपस्थित थे. वे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व अध्यक्ष और भारत के रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार हैं. डॉ. रेड्डी ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा पूरी होने का अवसर नहीं, वह राष्ट्र के प्रति नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है. उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और व्यावसायिक कौशल का उपयोग देश की प्रगति के लिए करने का आग्रह करते हुए समाज के कल्याण में योगदान देने का संदेश दिया.