पिंपरी, 27 अ्नटूबर (आ.प्र.)
पिछले कुछ वर्षाें में शहर में बड़े पैमाने पर नई आवासीय परियाेजनाएं शुरू की जा रही हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 672 आवासीय परियाेजनाओं काे निर्माण की अनुमति दी गई है. इससे मनपा काे 383 कराेड़ 48 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. पिछले साल की तुलना में इस बार लगभग 95 कराेड़ रुपये का अधिक राजस्व जमा हुआ है. हालांकि, सूखे की स्थिति के कारण यदि आगे नई आवासीय परियाेजनाओं काे अनुमति नहीं दी जाती है, ताे निर्माण विभाग का राजस्व घटने की संभावना जताई जा रही है.
शहर का चाराें तरफ विस्तार हाे रहा है और बड़ी-बड़ी स्काीस्क्रैपर खड़ी हाे रही हैं. शहर की जनसंख्या 30 लाख से पार हाे चुकी है. बढ़ती आबादी के कारण मनपा पर बुनियादी सुविधाओं का भारी दबाव बढ़ रहा है.
निर्माण विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 890 कराेड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया गया है. पहली छमाही यानी 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक (जाे कि नवरात्राेत्सव, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्याैहाराें का समय हाेता है), 672 परियाेजनाओं काे मंजूरी देकर 383 कराेड़ 48 लाख 85 हजार रुपये मनपा के खजाने में जमा हुए हैं. पिछले वर्ष की पहली छमाही में 466 परियाेजनाओं काे मंजूरी दी गई थी, जिससे 288 कराेड़ 98 लाख 57 हजार रुपये प्राप्त हुए थे.
अधिकारियाें काे उम्मीद है कि अगले छह महीनाें में बजट में तय लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा. हालांकि, सूखे की स्थिति के कारण नई परियाेजनाओं की मंजूरी पर राेक लगाने की मांग की जा रही है. अगर पानी के संकट से बचने नए निर्माणाें पर राेक लगाई जाती है, ताे मनपा काे अपने राजस्व से हाथ धाेना पड़ेगा और 890 कराेड़ का सालाना लक्ष्य हासिल करना कठिन हाे जाएगा.
बड़े पैमाने पर आ रही आवासीय परियाेजनाएं शहर के मध्य भागाें में अब गिनी-चुनी जगहें ही बची हैं, जहां पुरानी बिल्डिंगाें के पुनर्विकास की प्रक्रिया चल रही है. माेशी, चिखली, चर्हाेली, डुडुलगांव, रावेत, पुनावले और ताथवड़े जैसे इलाकाें में बड़े पैमाने पर हाउसिंग प्राेजेक्ट्स आ रहे हैं और नागरिक यहां फ्लैट खरीदने काे प्राथमिकता दे रहे हैं. हालांकि, इसके साथ ही पानी, कचरा निष्पादन, सड़कें और बिजली आपूर्ति जैसी समस्याओं का सामना नागरिकाें काे करना पड़ रहा है.