एमआईटी विश्वविद्यालय में ‌‘फायर मॉक ड्रिल‌’ संपन्न

पुणे अग्निशमन दल और सुरक्षा विभाग ने किया प्रदर्शन; धुएं में फंसे दो विद्यार्थियों को बचाया, आग पर पाया काबू

    29-Oct-2026
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कोथरूड, 28 अक्टूबर (आ. प्र.)

कोथरूड स्थित एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में मंगलवार (27 अक्टूबर) को सुरक्षा एवं सतर्कता विभाग और पुणे मनपा अग्निशमन दल के संयुक्त तत्वावधान में सुरक्षा जागरूकता और अग्निशमन का प्रदर्शन आयोजित किया गया. वेिशविद्यालय परिसर में पहाड़ी क्षेत्र, पेड़-पौधे और घास होने के कारण आग लगने की आशंका को ध्यान में रखते हुए इस मॉक ड्रिल के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीके बताए गए. प्रदर्शन के दौरान अग्निशमन दल के अधिकारियों और जवानों ने आग लगने की स्थिति में धुएं के बीच सुरक्षित बाहर निकलने के तरीके, आपातकाल में शांत और सतर्क रहने के उपाय तथा आधुनिक अग्निशमन वाहन में उपलब्ध उपकरणों की जानकारी दी. इसके साथ ही ‌‘फायरमैन लिफ्ट‌’ की मदद से बचाव कार्य करने का प्रदर्शन भी किया गया. अभ्यास के दौरान धुएं में फंसे दो विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और छह मिनट में आग पूरी तरह बुझा दी गई. वेिशविद्यालय में देश-विदेश से आए हजारों विद्यार्थी इंजीनियरिंग, डिजाइन, प्रबंधन और फार्मेसी सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई करते ह्‌ैं‍. ऐसे में विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस मॉक ड्रिल का प्रमुख उद्देश्य था. एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के कुलसचिव डॉ. गणेश बी. पोकले ने पुणे अग्निशमन दल की तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, फायर इवैक्यूएशन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन सुरक्षित परिसर सुनिश्चित करने की वेिशविद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है. इस पहल ने अप्रत्याशित परिस्थितियों में शांत, सतर्क और तत्पर रहने के महत्व को रेखांकित किया है. वेिशविद्यालय भविष्य में भी परिसर की सुरक्षा के लिए ऐसे एहतियाती कदम उठाता रहेगा. इस जागरूकता अभियान में पुणे मनपा अग्निशमन दल के मुख्य अग्निशमन अधिकारी गणेश सोनुने, स्टेशन ड्यूटी ऑफिसर प्रकाश गोरे, राजेश जगताप, प्रभारी अधिकारी शशिकांत पवार और नीलेश महाजन सहित मुख्यालय तथा कोथरूड अग्निशमन केंद्र के जवान शामिल हुए. इसके अलावा, एमआईटी वेिशविद्यालय के सुरक्षा एवं सतर्कता विभाग के सहायक निदेशक दक्षिणामूर्ति आर. और स्नेहल नाईक तथा महाराष्ट्र फायर सर्विस अकादमी के प्रशिक्षुओं ने भी इस अभ्यास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.