राज्य के 435 आवास परियोजनाओं को मंजूरी

पुणे 140 नई परियोजनाओं के साथ सबसे आगे; 23,719 करोड़ निवेश की संभावना

    29-Oct-2026
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RealEstate 
शिवाजीनगर, 28 अक्टूबर
(आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
दशहरा के शुभ अवसर पर, महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (महारेरा चरहर-ठएठ) ने महाराष्ट्र और अन्य क्षेत्राें में रिकाॅर्ड 435 आवास परियाेजनाओं काे पंजीकरण नंबर जारी किए हैं. इन परियाेजनाओं में लगभग 23,719 कराेड़ रुपये के निवेश की संभावना है और इनके माध्यम से 32,981 मकानाें का निर्माण किया जाएगा. पारंपरिक रूप से, डेवलपर्स दशहरा और दिवाली के त्याैहारी सीजन में नए हाउसिंग प्राेजेक्ट्स लाॅन्च करते हैं.
 
बताया गया कि इस वर्ष समय पर प्राेजेक्ट्स लाॅन्च करने की सुविधा प्रदान करने के लिए, महारेरा के रजिस्ट्रेशन विभाग ने 24 घंटे लगातार काम करके आवेदनाें का निपटारा किया और यह सुनिश्चित किया कि पात्र प्रस्तावाें काे दशहरा से पहले ही मंजूरी मिल जाए. पुणे क्षेत्र ने व्यक्तिगत क्षेत्राें में नए प्राेजेक्ट रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) के मामले में सबसे अधिक संख्या दर्ज की, जहां 140 प्राेजेक्ट्स काे महारेरा रजिस्ट्रेशन नंबर मिले. विस्तृत पुणे क्षेत्र में सातारा से 13, काेल्हापुर से 8, तथा सांगली और साेलापुर से 3-3 प्राेजेक्ट्स शामिल हैं. मुंबई महानगरीय क्षेत्र (एमएमआर) में कुल 201 नए रजिस्टर्ड प्राेजेक्ट्स रहे. इनमें से 63 मुंबई शहर और उसके उपनगराें में, 70 ठाणे में, 36 रायगढ़ में, 25 पालघर में, 5 रत्नागिरि में और 2 सिंधुदुर्ग में स्थित हैं.
 
विदर्भ में 32 परियाेजनाओं काे पंजीकरण नंबर मिले हैं, जिनमें नागपुर की 27, अमरावती की 4 और अकाेला की 1 परियाेजना शामिल है. खानदेश क्षेत्र में 24 परियाेजनाएं दर्ज की गईं, जिनमें नासिक की 23 और अहिल्यानगर की 1 परियाेजना शामिल हैं.
मराठवाड़ा में 8 परियाेजनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 7 संभाजीनगर और 1 नांदेड़ से है. इसके अलावा, दादरा और नगर हवेली में 2 और दमन में 1 परियाेजना काे मंजूरी मिली. गाैरतलब है कि महारेरा ने दाेहराया है कि किसी भी पहले से पंजीकृत हाउसिंग प्राेजेक्ट में संशाेधन, बदलाव या नया जाेड़-घटाव करने वाले डेवलपर्स काे ‘करेक्शंस’ श्रेणी के तहत नियामक की मंजूरी लेना अनिवार्य है. डेवलपर्स काे पंजीकरण के समय ही प्राेजेक्ट पूरा करने की समय-सीमा घाेषित करनी हाेती है, और यदि निर्धारित समय के भीतर प्राेजेक्ट पूरा नहीं हाे पाता है, ताे उन्हें समय बढ़ाने के लिए महारेरा में आवेदन करना हाेता है.
 
निर्धारित समय के भीतर प्राेजेक्ट पूरा नहीं हाेने और समय पर विस्तार की अनुमति न मिलने पर प्राेजेक्ट काे ‘लैप्स’ (व्यपगत/समाप्त) श्रेणी में डाला जा सकता है, जिससे उसकी प्रगति पर असर पड़ सकता है. इसलिए, प्राेजेक्ट काे समय पर पूरा करने, पारदर्शिता बनाए रखने और घर खरीदाराें के हिताें की रक्षा के लिए एक्सटेंशन और करेक्शन से जुड़े आवेदनाें की समय पर मंजूरी मिलना बेहद जरूरी है.
 
महारेरा ने 210 परियाेजनाओं की डेडलाइन बढ़ाई नए प्राेजेक्ट्स के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के अलावा, महारेरा ने 210 प्राेजेक्ट्स की समय-सीमा बढ़ाने की मंजूरी दी है. कुल 609 माैजूदा प्राेजेक्ट्स के प्रस्तावाें में संशाेधन (करेक्शन) की अनुमति दी, जिससे डेवलपर्स अपनी स्वीकृत याेजनाओं और नियामक आवश्यकताओं के अनुसार कार्य आगे बढ़ा सकें.