30 से ‌‘उद्योग दिंडी एक्सपो-2026‌’ का आयोजन

एक्सपो का उद्घाटन महापौर मंजूषा नागपुरे करेंगी; उद्यमियों को मिलेगा कारोबार का मौका

    29-Oct-2026
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पुणे, 28 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

मराठी उद्यमियों को एक मंच पर लाने, उनके कारोबार को नई दिशा देने और व्यवसाय विस्तार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सैटर्डे क्लब ग्लोबल ट्रस्ट के पुणे विभाग की ओर से ‌‘उद्योग दिंडी एक्सपो 2026‌’ का आयोजन किया जा रहा है. यह तीन दिवसीय एक्सपो 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक पुणे के कर्वेनगर स्थित डी. पी. रोड पर महालक्ष्मी लॉन्स में आयोजित होगा. शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे के हाथों एक्सपो का उद्घाटन किया जाएगा. मराठी उद्यमियों की प्रगति हेतु काम कर रही संस्था ‌‘एक-दूसरे की सहायता करें, सभी समृद्ध बनें‌’ के आदर्श वाक्य के साथ सैटर्डे क्लब ग्लोबल ट्रस्ट पिछले 26 वर्षों से मराठी उद्यमियों की प्रगति के लिए काम कर रहा है. प्रसिद्ध डिजाइन इंजीनियर स्वर्गीय माधवराव भिड़े ने वर्ष 2000 में इस संस्था की स्थापना की थी. संस्था का उद्देश्य मराठी समुदाय को उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ाना तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. वर्तमान में महाराष्ट्र के अलावा सूरत, बड़ौदा और इंदौर में संस्था की कुल 116 शाखाएं हैं. इससे 8,600 से अधिक उद्यमी जुड़े हुए हैं. संस्था से संबंधित उद्यमियों का संयुक्त वार्षिक कारोबार 15,000 करोड़ रुपये से अधिक है. विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों को मिलेगा अवसर पुणे की समृद्ध दिंडी परंपरा को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ने की अवधारणा के तहत ‌‘उद्योग दिंडी‌’ पहल शुरू की गई है. ‌‘उद्यमिता, सहयोग और वैेिशक अवसर‌’ की थीम पर आधारित इस एक्सपो में मराठी उद्यमियों को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने, अन्य कारोबारियों से सीधे संपर्क स्थापित करने और नए व्यावसायिक अवसर तलाशने का मौका मिलेगा.
 
 ‘री-डेवलपमेंट लाउंज‌’ में मिलेगा मार्गदर्शन

 एक्सपो का एक विशेष आकर्षण ‌‘री-डेवलपमेंट लाउंज‌’ होगा. पुराने आवासीय सोसायटी भवनों के पुनर्विकास से जुड़ी शंकाओं को दूर करने और पूरी प्रक्रिया को समझाने के लिए यहां मुफ्त सलाह एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा. आवासीय सोसायटियों के अध्यक्ष, सचिव, पदाधिकारी और सदस्य पुनर्विकास की प्रक्रिया के प्रमुख चरणों, जरूरी पहलुओं, बारीकियों और निर्णय लेते समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. पुनर्विकास पर विचार कर रही सोसायटियों के लिए यह विशेष सुविधा उपयोगी होगी.