मुंबई, 2 अक्टूबर (आ.प्र.)
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में त्याेहारी सीजन की शुरुआत के साथ घराें की मांग में तेज उछाल देखने काे मिला है. नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपाेर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में मुंबई में 12,622 प्राॅपर्टी रजिस्ट्रेशन हुए हैं. ये पिछले साल सितंबर के मुकाबले 5% ज्यादा हैं और सितंबर महीने में 14 साल से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा आंकड़ा है.
महाराष्ट्र सरकार के रजिस्ट्रेशन और आईजीआर के आंकड़ाें के मुताबिक, सितंबर में प्राॅपर्टी रजिस्ट्रेशन से सरकार काे 1,227 कराेड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी मिली. हालांकि, सालाना आधार पर इसमें 5% की गिरावट रही.
नाइट फ्रैंक के मुताबिक, इसकी एक वजह इस दाैरान हुए लेनदेन के प्रकार में बदलाव है. गणेशाेत्सव का मुंबई के प्राॅपर्टी बाजार पर खास असर देखने काे मिला. 14 सितंबर से 25 सितंबर के बीच सिर्फ 11 दिनाें में मुंबई में 5,379 घराें और संपत्तियाें का रजिस्ट्रेशन हुआ. ये संख्या पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22% ज्यादा है. नाइट फ्रैंक के मुताबिक, पिछले चार वर्षाें के गणेशाेत्सव सीजन में ये सबसे मजबूत प्रदर्शन है. त्याेहारी अवधि में ही सरकार काे करीब 640 कराेड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी मिली. ये सितंबर के कुल स्टाम्प ड्यूटी कलेक्शन का 50% से ज्यादा है. पिछले साल के गणेशाेत्सव के मुकाबले इस दाैरान स्टाम्प ड्यूटी कलेक्शन 32% ज्यादा रहा.
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में पिछले एक दशक से ज्यादा समय में बड़ा बदलाव देखने काे मिला है. सितंबर 2013 में मुंबई में सिर्फ 4,116 संपत्तियाें का रजिस्ट्रेशन हुआ था और स्टाम्प ड्यूटी से सरकार काे 247 कराेड़ रुपये मिले थे. 2014 से 2019 के बीच सितंबर में रजिस्ट्रेशन आमताैर पर 4,000 से 5,500 के बीच रहा. इसके बाद बाजार में तेजी आई. 2021 में रजिस्ट्रेशन 7,800 के पार पहुंचा और 2023 में 10,600 से ज्यादा हाे गया. अब सितंबर 2026 में ये आंकड़ा 12,622 पर पहुंच गया है.
नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा मुंबई के आवासीय बाजार ने अपनी मांग की गति बरकरार रखी है. उनके मुताबिक, गणेश उत्सव के दाैरान रजिस्ट्रेशन में 22% की सालाना बढ़ाेतरी ने सितंबर के मजबूत प्रदर्शन में बड़ा याेगदान दिया. उन्हाेंने कहा त्याेहारी सीजन में घर खरीदाराें की भागीदारी मजबूत रही है, लेकिन खरीदार अब अपने फैसलाें में ज्यादा साेच-समझकर कदम उठा रहे हैं. बेहतर लाेकेशन और क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर वाले प्राेजेक्ट्स आगे भी खरीदाराें की पसंद बने रहेंगे