मुंबई, 2 अ्नटूबर (वि.प्र.)
आईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार काे एसआईआर काे बैकडाेर एनआरसी बताया है. उन्हाेंने आराेप लगाया कि भाजपा सरकार इसी प्रक्रिया काे बाद में नागरिकता की जांच में बदल देगी.
छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस काॅन्फ्रेंस में ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही एसआईआर का विराेध कर रही है.
उन्हाेंने कहा सीजेपी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेशकुमार के इस्तीफे की मांग की है. इससे पहले 27 सितंबर काे ओवैसी ने देशभर के नागरिकाें से एसआईआर प्रक्रिया काे हल्के में नहीं लेने की अपील की थी.
उन्हाेंने चेतावनी दी थी कि लापरवाही से लाेगाें काे वाेटिंग अधिकार और नागरिकता से वंचित किया जा सकता है. ओवैसी ने कहा यह सिर्फ वाेट देने का अधिकार खाेने का मामला नहीं है. आपकी नागरिकता भी छीनी जा सकती है. इसलिए इसे पूरी गंभीरता और ध्यान से लें. एनआरसी का मुद्दा जनगणना की प्रक्रिया के साथ फिर चर्चा में आया है. माैजूदा जनगणना के फाॅर्म में ऐसे कई सवाल हैं, जाे 2020 के एनपीआर यानी नेशनल पाॅपुलेशन रजिस्टर के फाॅर्म में भी थे. इनमें नागरिकता, माता- पिता की जानकारी, आधार और वाेटर आईडी से जुड़े सवाल शामिल हैं.
कानूनी प्रावधानाें के तहत पाॅपुलेशन रजिस्टर में दर्ज लाेगाें का सत्यापन कर भारतीय नागरिकाें का राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) तैयार किया जा सकता है.