नई दिल्ली, 2 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
एसआईआर में छूटे पात्र मतदाताओं के नाम फिर से जाेड़े जाएंगे. 13 कराेड़ नाम काटे जाने से भारी किरकिरी के बाद चुनाव आयाेग ने महत्वपूर्ण फैसला लिया. सभी राज्याें के मुख्य चुनाव अधिकारियाें काे लिखित आदेश भेजा गया.
महाराष्ट्र सहित 20 राज्याें में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. इसमें नए पात्र वाेटराें के नाम भी जाेड़े जाएंगे. बीएलओ घर जाकर फाॅर्म 6 भरवाकर नाम वाेटर लिस्ट में जाेड़ेंगे. वहीं दूसरी ओर से विशेषज्ञाेें ने कहा-पहले नाम काटाे, फिर जाेड़ाे का तमाशा चुनाव आयाेग बंद करे. एक रिपाेर्ट के अनुसार, यह अभियान उन 20 राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें में चलाया जाएगा. गत गुरुवार काे सभी राज्याें के मुख्य निर्वाचन अधिकारियाें के साथ हुई वीडियाे काॅन्फ्रेंस में भी इस निर्देश काे दाेहराया गया. इनमें नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल हाेने वाले ऋेीा 6 में बदलाव और एसआईआर के दाैरान मतदाता सूची तैयार करने वाले (ईसीआईएनईटी) सिस्टम के केंद्रीकृत नियंत्रण से जुड़े मुद्दे शामिल थे. विशेष अभियान में ऋेीा 6 का इस्तेमाल किया जाएगा. खास बात यह है कि एसआईआर के दाैरान ऑनलाइन ऋेीा 6 में जाे अतिरिक्त सवाल जाेड़ा गया था, वह इस अभियान में लागू नहीं हाेगा.
एसआईआर के दाैरान ऑनलाइन फाॅर्म में आवेदक से पूछा जा रहा था कि वह या उसके माता-पिता पिछली एसआईआर के बाद मतदाता सूची में शामिल थे या नहीं. इस सवाल का जवाब देना जरूरी था.
ऐसे में अगर किसी 18 साल के युवक के माता-पिता का नाम पिछली एसआईआर में हट गया था, ताे उसके लिए सही जानकारी के साथ फाॅर्म जमा करना मुश्किल हाे सकता था. दाेनाें चुनाव आयुक्ताें ने मई में इस बदलाव पर सवाल उठाए थे. अगस्त में सुखबीर सिंह संधू ने इसे अनधिकृत/अवैध बताया था. अब 29 सितंबर के निर्देश में साफ किया गया है कि यह अतिरिक्त घाेषणा केवल एसआईआर चरण के दाैरान इस्तेमाल हाेगी.