1417 करोड़ की धोखाधड़ी में दो गिरफ्तार

ईडी ने तमिलनाडु में की कार्रवाई : निवेश के नाम पर 35 हजार लोगों को ठगा था

    03-Oct-2026
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चेन्नई, 2 अ्नटूबर (वि.प्र.)
तमिलनाडु के इराेड में निवेश के नाम पर कथित धाेखाधड़ी से जुड़े बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दाे लाेगाें काे गिरफ्तार किया है. एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में करीब 1,417.86 कराेड़ रुपये की मनी लाॅन्ड्रिंग और लगभग 36 हजार निवेशकाें से रकम जुटाने का आराेप है. ईडी के चेन्नई जाेनल ऑफिस-खख के अनुसार, एस. नवीन कुमार और एस. मुथुसेल्वम काे 29 सितंबर काे प्रिवेंशन ऑफ मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया.
 
दाेनाें काे बाद में पीएमएलए मामलाें की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. ईडी के मुताबिक, मामले की जांच इराेड जिला अपराध शाखा में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी. इसमें मनी लाॅन्ड्रिंग और तमिलनाडु प्राेटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट्स ऑफ डिपाॅजिटर्स एक्ट से जुड़ी धाराएं शामिल थीं. जांच एजेंसी का आराेप है कि आराेपियाें और उनके सहयाेगियाें ने यूएनआई, एफएनपी, एफएपी और यूएनआर नाम से निवेश याेजनाएं शुरू कीं. इनके लिए मेसर्स यूनिक एक्सपाेर्ट्स, ईस्ट वैली एग्राे फर्म्स और अन्य संबंधित संस्थाओं के नाम का इस्तेमाल किया गया. ईडी के अनुसार, निवेशकाें काे कृषि उत्पादाें के निर्यात से हाेने वाले मुनाफे का हवाला देकर आकर्षक रिटर्न का भराेसा दिया गया. हालांकि, एजेंसी की वित्तीय जांच में सामने आया कि संबंधित कंपनियाें ने वास्तव में काेई बड़ा निर्यात काराेबार नहीं किया. जांच में करीब 35,759 निवेशकाें से 1,417.86 कराेड़ रुपये जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है. ईडी के अनुसार, जांच में करीब 390.90 कराेड़ रुपये काे कथित ताैर पर वेतन भुगतान के रूप में दर्ज किया गया. एजेंसी का कहना है कि संबंधित कंपनी में केवल चार कर्मचारी थे. इसके अलावा करीब 79.56 कराेड़ रुपये काे प्याज और अन्य कृषि उत्पादाें की खरीद के ताैर पर दिखाया गया.
 
जांच एजेंसी के मुताबिक, इन सामानाें का वास्तव में काेई भाैतिक काराेबार नहीं हुआ था और इन प्रविष्टियाें का इस्तेमाल रकम के ट्रांसफर काे काराेबारी खर्च के ताैर पर दिखाने के लिए किया गया. ईडी के मुताबिक, एस. मुथुसेल्वम ने कथित ताैर पर निवेश याेजनाओं काे तैयार करने और निवेशकाें काे जाेड़ने में अहम भूमिका निभाई. एजेंसी के अनुसार, उन्हाेंने खुद करीब 42.10 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन रिटर्न, रेफरल बाेनस और कमीशन के रूप में करीब 12.72 कराेड़ रुपये हासिल किए. जांच में इन पैसाें काे उनके निजी खाताें के अलावा मेसर्स धन्याश्री एंटरप्राइजेज और मेसर्स यूनिवर्स 369 इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाओं के जरिए भेजे जाने की बात सामने आई है.