संकट कब और किस रूप में सामने आ जाएगा, इसका काेई ठिकाना नहीं हाेता. हालांकि, ऐसे कठिन समय में जाे बिना डरे हिम्मत के साथ खड़े हाेते हैं, वे ही सही मायनाें में देवदूत साबित हाेते हैं. पिंपरीचिंचवड़ शहर में हाल ही में घटी एक राेंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने इस बात काे साबित कर दिया है. जब हर काेई गहरी नींद में था, तभी एक बिल्डिंग की पार्किंग में अचानक माैत बनकर आग ने अपना राैद्र रूप धारण कर लिया. लेकिन इसी दाैरान एक 20 वर्षीय साहसी युवती ने अपने प्राणाें की परवाह किए बिना करीब 70 से 80 निवासियाें की जान बचा ली. इस शूर युवती का नाम आर्या कांबले है और उसके इस अतुलनीय साहस तथा सूझबूझ की पूरे शहर में सभी के द्वारा खुलकर प्रशंसा की जा रही है.
जानकारी के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड़ के व्यस्त चापेकर चाैक इलाके में स्थित कुणाल मार्केट नामक बिल्डिंग में रात काे डेढ़ से दाे बजे के बीच अचानक आग लग गई. यह आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरा पार्किंग एरिया लपटाें की चपेट में आ गया. इसमें कुल 21 वाहन जलकर पूरी तरह खाक हाे गए हैं. आग की लपटाें और धुएं का साम्राज्य हर तरफ फैलने के कारण बिल्डिंग में रहने वाले निवासियाें की जान हलक में अटक गई थी.
इस बीच, इस भीषण दुर्घटना में एक व्यक्ति के घायल हाेने की प्राथमिक जानकारी मिली है, जिसे तुरंत इलाज के लिए पास के हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया है. इस राेमांचक घटना के समय बिल्डिंग में रहने वाले लगभग 70 से 80 नागरिक गहरी नींद में थे. आग की भीषणता और बढ़ते धुएं के कारण घर का मुख्य दरवाजा खाेलना असंभव हाे गया था. ऐसे जानलेवा संकट के समय आर्या कांबले ने गजब की सूझबूझ दिखाई. उसने सबसे पहले फायर ब्रिगेड विभाग से संपर्क कर घटना की जानकारी दी.
हालांकि, मदद आने तक का समय गंवाए बिना उसने सीधे अपने घर की पहली मंजिल की गैलरी से नीचे कूदने का बेहद साहसिक फैसला लिया. उसके पिता ने उसे ऐसा करने से राेकने की काेशिश की, लेकिन स्थिति की गंभीरता काे समझते हुए उसने छलांग लगा ही दी. इस प्रयास में आर्या के पैर में गंभीर चाेट लग गई. पैर में हाे रहे दर्द के बावजूद इस युवती ने अपनी चाेट की पूरी तरह से उपेक्षा की. उसने तुरंत बिल्डिंग के बाकी सभी निवासियाें काे जगाकर घर से बाहर निकलने और सीधे टेरेस पर जाकर सुरक्षित आश्रय लेने के निर्देश दिए. हर व्यक्ति सुरक्षित बाहर निकला है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए वह खुद माैके पर माैजूद रही. फायर ब्रिगेड विभाग के जवानाें के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही उसने निवासियाें काे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का बहुमूल्य कार्य पूरा कर लिया था.
उसकी इस तत्परता और जांबाज प्रवृत्ति के कारण एक संभावित बड़ी जनहानि टल गई. आज आर्या कांबले की वजह से कई परिवाराें काे नया जीवन मिला है और उसकी इस निस्वार्थ सेवा काे हर काेई सलाम कर रहा है. आपातकाल के समय केवल खुद के बारे में न साेचकर दूसराें के लिए अपनी जान जाेखिम में डालने की यह हरकत सर्वाेच्च मानवता का दर्शन कराती है.