रामपुर (उत्तर प्रदेश), 29 अ्नटूबर (वि.प्र.).
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री माेहम्मद आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जाेनल ऑफिस ने रामपुर स्थित माेहम्मद अली जाैहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारताें काे अटैच करने की कार्रवाई की है.
मनी लाॅन्ड्रिंग के मामले में अटैच की गई संपत्ति की कीमत 426.46 कराेड़ रुपये आंकी गई है, जबकि इसकी माैजूदा बाजार कीमत करीब 1170 कराेड़ रुपये बताई गई है. ईडी का आराेप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन, सरकारी ठेकाें से जुड़ी रकम और निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयाेग से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं. यह कार्रवाई मनी लाॅन्ड्रिंग राेकथाम कानून (झचङ) के तहत की गई है.
मामला माैलाना माेहम्मद अली जाैहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य लाेगाें से जुड़ा है. जाैहर यूनिवर्सिटी का संचालन इसी ट्रस्ट के पास है. ट्रस्ट की स्थापना आजम खान ने की थी और वह यूनिवर्सिटी के मानद चांसलर भी हैं.
जमीन पर कब्जे का आराेप ईडी ने इस मामले में रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 केस के आधार पर जांच शुरू की थी. इन मामलाें में आराेप लगाया गया था कि यूनिवर्सिटी के लिए किसानाें की कृषि भूमि जबरन कब्जे में ली गई. जिला प्रशासन की जांच रिपाेर्ट में सिंहनखेड़ा गांव में करीब 34 एकड़े में फैले शत्रु संपत्ति के 45 भूखंडाें पर भी अवैध कब्जे का आराेप सामने आया. रिपाेर्ट के मुताबिक, इस जमीन काे ट्रस्ट काे पट्टे पर देने की अनुमति रद्द हाेने के बावजूद इसका इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के लिए किया गया.