जागरूकता से ही रुकेगा प्रदूषण : सुप्रीम कोर्ट

पटाखों पर कोर्ट का बड़ा रुख पूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ सीजेआई सूर्यकांत की पीठ

    30-Oct-2026
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नई दिल्ली, 29 अ्नटूबर
सुप्रीम काेर्ट ने त्याेहाराें के दाैरान वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए पाबंदियाें के बजाय जनजागरूकता फैलाने पर जाेर दिया है. अदालत का स्पष्ट मानना है कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई काे दंडात्मक कार्रवाई के रूप में देखने के बजाय समाज काे खुद आगे आकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी हाेगी. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने त्याेहाराें पर पटाखाें के पूर्ण प्रतिबंध की मांग काे लेकर अपना रुख साफ किया. पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत त्याेहाराें के दाैरान लाेगाें के आनंद और उल्लास में बाधा नहीं डालना चाहती. काेर्ट ने कहा ऐसे सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश देने का काेई औचित्य नहीं है, जिन्हें व्यावहारिक रूप से जमीन पर लागू करना या पुलिस के लिए निगरानी रखना बेहद मुश्किल हाे.
 
काेर्ट ने प्रदूषण के दुष्प्रभावाें के प्रति नई पीढ़ी काे जागरूक करने के लिए एक प्रभावी रास्ता सुझाया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि जन-जागरूकता अभियानाें से क्रिकेटर विराट काेहली जैसी लाेकप्रिय और प्रभावकारी हस्तियाें काे जाेड़ा जाना चाहिए. इससे युवाओं और बच्चाें में पर्यावरण सुरक्षा काे लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा.
 
संतुलित राह और ग्रीन पटाखाें का उपयाेग जरुरी सुप्रीम काेर्ट ने दाेहराया कि जब पाबंदियाें काे ‘सजा’ के रूप में देखा जाता है, ताे उनका पालन कराना कठिन हाे जाता है. इसलिए, दंडात्मक रुख अपनाने के बजाय समाज काे खुद कम प्रदूषण फैलाने वाले रास्ते चुनने चाहिए. काेर्ट ने सलाह दी है कि केवल स्वीकृत समय-सीमा के भीतर ही ग्रीन पटाखे चलाने जैसे संतुलित और जिम्मेदार विकल्प अपनाए जाने की जरुरत है.