पुणे, 29 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) समाज में अलग-अलग क्षेत्र में बहुत सारे लोग काम कर रहे हैं. उनके काम से लोगों को प्रेरणा मिलती है और साथ में समाज की जशरतों से कार्य की प्रेरणा मिलती है. इसी मकसद से कोथरुड दीपावली अंक तैयार किया गया है. यह विचार व्यक्त करते हुए राज्य के उच्च एवं तकनीकी मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बताया कि जल्द ही कोथरुड पर हर महीने एक विशेषांक पाठकों तक पहुंचेगा. मेनका प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किए गए कोथरुड दीपावली अंक के विमोचन समारोह में वे बोल रहे थे. सोल्जर्स इंडिपेंडेंट रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन की सुमेधा चिथड़े, अनुरूप विवाह संस्था की निदेशक डॉ. गौरी कानिटकर और सुकृत करंदीकर मौजूद थे. इस मौके पर सीनियर पब्लिशर सुधाकर वामन जोशी को पाटिल ने खास तौर पर सम्मानित किया. कोथरुड दीपावली अंक का मान्यवरों द्वारा विमोचन किया गया. चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मैंने कोथरुड से विधानसभा चुनाव लड़ा था. तभी मैंने तय किया कि मैं समाज में आवश्यक जशरतों पर काम करूंगा. कोथरुड में अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वाले कई नागरिक रहते हैं. इस चुनाव क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले नागरिक भी बड़ी संख्या में हैं. दीपावली अंक के जरिए कोथरुड के इतिहास को पेश किया गया. जाने- माने लोगों के काम को भी पेश किया गया. भविष्य में, दीपावली अंक के जरिए झुग्गी-झोपड़ियों के नागरिकों के बारे में लिखा जाना चाहिए. क्योंकि नागरिकों की जशरतों पर आधारित कार्य होना चाहिए. सुमेधा चिथड़े ने कहा कि जब कर्म धर्म पर आधारित होता है, तो काम पूरा होता है. सीमा पर सैनिक देश के लिए खुद को समर्पित करते हैं. उनके लिए देशहित, देश की सेवा, देशभक्ति और बलिदान प्राथमिकता है. उनके लिए कुछ करना हमारा कर्तव्य है. इसी भावना के साथ हमने सैनिकों के लिए काम करना शुरू किया. गौरी कानिटकर ने कहा कि कुटुंब व्यवस्था हमारी संस्कृति है. इसीलिए हमने विवाह के इच्छुक लड़के-लड़कियों के लिए काउंसिलिंग कोर्स शुरू किए हैं. अब तक अनुरूप विवाह संस्था के जरिए 1 लाख 30 हजार विवाह किए गए हैं. कार्यक्रम का प्रास्ताविक अभय कुलकर्णी ने किया. सूत्र संचालन वसुंधरा काशीकर ने किया. सुकृत करंदीकर ने धन्यवाद ज्ञापन किया.