पुणे, 30 अक्टूबर (आ.प्र.) पुणे और महाराष्ट्र को नशा-मुक्त बनाने के लिए यूनाइटेड माइनॉरिटी काउंसिल (युएमसी) द्वारा शुरू की गई नेक पहल की सराहना करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए परिवारों, धार्मिक संगठनों और समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास जरूरी हैं. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मौलाना रहमानी ने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके पूरे परिवार को भी नुकसान पहुंचाती है. इसलिए नशे के आदी लोगों को समाज से अलग करने के बजाय उनका मार्गदर्शन करना चाहिए. नशा मुक्ति के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही जरूरतमंद लोगों के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा, नशे से नफरत करो, इंसान से नहीं. नशे की गिरफ्त में आए लोगों को मोहब्बत और सही मार्गदर्शन की जरूरत है. समाज के जिम्मेदार लोगों, बुजुर्गों और परिवार के सदस्यों को मिलकर इस बुराई को दूर करने के लिए आगे आना चाहिए. मौलाना रहमानी ने शहर के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उलेमाओं के साथ बैठक कर समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की. कार्यक्रम में महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. विशेष अतिथि के रूप में मुफ्ती अलीम , मौलाना जाकिर , मुफ्ती अब्दुल मुक्तादिर साहब, हाफिज सलाहुद्दीन, मौलाना शकील वडगांवशेरी, मौलाना जैद , मौलाना मुजम्मिल , मुफ्ती जलाल , कारी इनाम साहब सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. यूनाइटेड माइनॉरिटी काउंसिल (युएमसी) की टीम में मोहम्मद सलीम, अनीस शेख आदि शामिल हैं.