नई दिल्ली, 30 अ्नटूबर (वि.प्र.).
सुप्रीम काेर्ट काॅलेजियम ने 9 वकीलाें काे जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाईकाेर्ट में जज के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव काे मंजूरी दे दी है. गुरुवार काे हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है. 29 अक्टूबर की बैठक में जिन लाेगाें की सिफारिश की गई है, उनमें विशाल शर्मा, विक्रम कुमार शर्मा, नामग्याल वांगचुक, पवन कुमार कुंडल, ताहिर मजीद शम्सी, तबस्सुम जफर अमित गुप्ता, प्रणव काेहली और अनुपम रैना का नाम शामिल है.
सुप्रीम काेर्ट काॅलेजियम की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि काॅलेजियम की 29 अक्टूबर काे हुई बैठक में इन वकीलाें की नियुक्ति के प्रस्ताव काे स्वीकार किया जाता है. इन्हें जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाईकाेर्ट के जज के ताैर पर मंजूरी दी जाती है. ये सभी सिफारिशें मुख्य न्यायाधीष अरुण पल्ली की अध्यक्षता वाले उच्च न्यायालय काॅलेजियम की एक पूर्व काेशिशाें के बाद आई है. इसने इस साल अप्रैल में हाईकाेर्ट के न्यायधीशाें के रूप में नियुक्ति के लिए 11 नामाें की सिफारिश की थी. इन सिफारिश में बार काेटे से 10 वकील और बेंच काेटे से एक न्यायिक अधिकारी शामिल थे. ये पिछली सिफारिशें उच्च न्यायालय के रिक्त पदाें काे भरने का हिस्सा थीं. यहां न्यायधीशाें की स्वीकृत संख्या काे नवंबर 2024 में 17 से बढ़ाकर 25 कर दिया गया था. भारत के संविधान के आर्टिकल 217 के तहत किसी वकील काे हाईकाेर्ट का जज बनने के लिए कम से कम 10 सालाें तक किसी हाईकाेर्ट या अन्य उच्च अदालत में अधिवक्ता के रूप में कार्य करने का अनुभव हाेना चाहिए.