रिश्वत मामले पर नगरसेवक आक्रामक हुए

मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी के सदन से उठकर चले जाने पर विरोध जताकर जीबी स्थगित

    31-Oct-2026
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PCMC
पिंपरी, 30 अ्नटूबर (आ.प्र.)
रिश्वत मांगने के मामले में मुख्य अभियंता के गिरफ्तार हाेने की घटना पर कड़ा रिस्पांस शुक्रवार काे मनपा की सभा में देखने काे मिला. नगरसेवकाें ने आराेप लगाया कि प्रशासन पर आयुक्त का नियंत्रण नहीं रहा है और हर विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ गया है, जिसके कारण रिश्वतखाेरी की घटनाएं बढ़ी हैं. सर्वदलीय नगरसेवकाें ने मांग की कि गिरफ्तार किए गए मुख्य अभियंता प्रमाेद ओंभासे काे निलंबित नहीं, बल्कि बर्खास्त किया जाए. सभा में 5 मिनट बैठकर आयुक्त विजय सूर्यवंशी के सभागृह से बाहर चले जाने के कारण गुस्से में आए नगरसेवकाें ने खड़े हाेकर भाषण दिए. प्रशासन का विराेध करते हुए सभा 20 नवंबर तक स्थगित कर दी गई. मनपा की अक्टूबर महीने की आम सभा शुक्रवार काे आयाेजित की गई थी.
 
शिवसेना (शिंदे) के गुट नेता विश्वजीत बारणे ने गुरुवार काे हुई रिश्वतखाेरी की घटना की ओर ध्यान आकर्षित किया. इस घटना के कारण मनपा की राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हुई है. बिना पैसे लिए किसी भी विभाग की फाइल मंजूर नहीं हाेती है और नागरिक परेशान हैं. आयुक्त का काेई नियंत्रण या अंकुश नहीं रह गया है. उन्हाेंने सवाल उठाया कि अब तक 36 अधिकारियाें काे रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है और मनपा में यह सब क्या चल रहा है? विराेधी पक्ष के नेता भाऊसाहेब भाेईर ने कहा, प्रशासनिक काल में आया अहंकार और भ्रष्टाचार द्वारा अर्जित प्राॅपर्टी से अधिकारियाें काे नशा है. अधिकारी इस अहंकार में हैं कि मेरे पीछे काैन है? ओंभासे के बारे में मेरे पास अत्याधिक शिकायतें आई थीं.
 
जीतेंद्र ननावरे ने कहा, आयुक्त ने मनपा मुख्यालय ऑटाे क्लस्टर में स्थानांतरित कर दिया है और वे नगरसेवकाें तथा नागरिकाें से नहीं मिलते हैं. वे केवल निजी व्यक्तियाें से मिलते हैं. मुख्य अभियंता 19 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाता है, यह कितनी बुरी स्थिति है. इन आयुक्त के कार्यकाल में मनपा की पहचान दुनिया की सबसे भ्रष्ट मनपा के रूप में हाे जाएगी. अनंत काेर्हाले ने मांग की कि ओंभासे काे निलंबित नहीं बल्कि बर्खास्त किया जाए. शीतल शिंदे ने चेतावनी दी कि गुरुवार की घटना ने शहर पर कालिख पाेत दी है. अधिकारियाें काे केवल टेंडर निकालने में दिलचस्पी है और अगर जनता का आक्राेश भड़का, ताे उनके लिए सड़काें पर घूमना मुश्किल हाे जाएगा.
 
जब वे बाेल रहे थे, तभी आयुक्त 5 मिनट के लिए सभागृह में आए और चले गए, जिसे लेकर उन्हाेंने कहा कि आयुक्त ऐसे आए जैसे नाटक देखने आए हाें और चले गए व आयुक्त का विराेध किया. कुणाल वाव्हलकर ने सवाल किया कि ओंभासे ने मनपा काे बदनाम किया है. जब उनके खिलाफ पहले भी निलंबन की कार्रवाई की गई थी, ताे उन्हें प्रमाेशन कैसे दिया गया?