दीपावली के बाद पुणेवासियों को अल्टरनेट-डे पानी मिलेगा

नहर समिति की बैठक में मंजूर 13.5 में से 6.35 टीएमसी पानी इस्तेमाल हो चुका

    31-Oct-2026
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WaterCrisis
पुणे, 30 अ्नटूबर
(आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
राज्य सरकार, जिले के मंत्रियाें और बीजेपी व राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायकाें ने पुणेवासियाें काे बड़ा झटका दिया है. उपमुख्यमंत्री एवं पालक मंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में तथा जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल व कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे की माैजूदगी में गुरुवार काे हुई बैठक में पुणेवासियाें के हिस्से का पानी छीन लिया गया है. 80 लाख आबादी वाली पुणे मनपा के लिए वार्षिक केवल 13.5 टीएमसी पानी का काेटा मंजूर किया गया है. 1 जुलाई से अब तक इसमें से 6.35 टीएमसर पानी इस्तेमाल किया जा चुका है. इसके चलते अगले जून 2027 के अंत तक पुणे मनपा के पास केवल 7.15 टीएमसी पानी उपलब्ध रहेगा.
 
दुर्भाग्य की बात यह है कि मंत्रियाें के इस फैसले के खिलाफ बैठक में माैजूद एक भी विधायक या जनप्रतिनिधि ने आवाज तक नहीं उठाई. इसी वजह से दीपावली के बाद पुणे मनपा ने शहर में अल्टरनेट-डे (एक दिन छाेड़कर) पानी की आपूर्ति का नियाेजन शुरू करेगा. उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की माैजूदगी में गुरुवार काे हुई नहर समिति की बैठक में पुणे मनपा के लिए 13.5 टीएमसी पानी काेटा मंजूर किया गया.
 
बैठक में बताया गया कि अल नीनाे के कारण बारिश कम हाेने और अगस्त-सितंबर में पर्याप्त बारिश न हाेने की वजह से रबी फसलाें के लिए बांधाें से पानी छाेड़ा गया. पूरे राज्य में अल नीनाे का असर पड़ा है और सरकार ने 200 से अधिक तहसीलाें में सूखा घाेषित किया है. पीने के पानी काे प्राथमिकता देते हुए 20 प्रतिशत पानी कटाैती के आदेश दिए गए हैं.
 
इसके चलते मनपा ने तीन हफ्ताें से शहर में एक दिन छाेड़कर पानी कटाैती लागू कर 10 प्रतिशत बचत शुरू कर दी है. नहर समिति की बैठक के बाद प्रेस काॅन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए मंत्रियाें ने पुणे शहर के लिए 13.5 टीएमसी काेटा मंजूर करने की घाेषणा की. लेकिन, यह घाेषणा करते समय 1 जुलाई से अगले 30 जून तक इस मंजूर काेटे के अनुसार पानी दिया जाएगा या नहीं, इस पर टिप्पणी करने से परहेज किया. जब जल संसाधन विभाग और मनपा के अधिकारियाें से जानकारी ली गई, ताे यह चाैंकाने वाली बात सामने आई कि यह काेटा पूरे साल के लिए है. वर्तमान में शहर काे पानी देने वाले बांधाें में करीब 24 टीएमसी पानी का भंडार है. इसमें से पुणे नगर निगम के काेटे के अलावा वाष्पीकरण, पानी के लिकेज तथा खेती और आगे के क्षेत्राें में पीने के लिए पानी देना हाेगा.नए गांवाें के शामिल हाेने के बाद पुणे मनपा के लिए हर साल 16.50 टीएमसी पानी काेटा मंजूर किया गया था. लेकिन तेजी से फैले पुणे की आबादी 80 लाख तक पहुंच गई है, जिससे मनपा की हर महीने की जरूरत 1.65 टीएमसी तक बढ़ गई है.
 
ऐसे में मनपा काे औसतन 20 टीएमसी से ज्यादा पानी की जरूरत हाेती है. सरकार के फैसले से महज 13.5 टीएमसी पानी मिलने और उसमें से भी 6.35 टीएमसी पानी इस्तेमाल हाे जाने के कारण आने वाले दिनाें में पुणेवासियाें के सामने पानी का संकट गहराने वाला है. मनपा की जलापूर्ति काे लेकर कुछ सदस्याें ने बैठक में मुद्दे उठाए, लेकिन मंत्रियाें ने पुणे मनपा की जलापूर्ति की कमियां गिनाईं और पानी के बिल काे लेकर सख्त रुख अपनाया. दुर्भाग्य से इस बैठक में पुणे की जनता द्वारा चुने गए एक भी विधायक ने प्रतिप्रश्न करने का साहस नहीं दिखाया.