शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और उद्योग जगत में डॉ. स्मिता जाधव का उल्लेखनीय योगदान

    05-Oct-2026
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पुणे, 4 अक्टूबर (आ.प्र.)

शिक्षा, मीडिया, सामाजिक कार्य, महिला सशक्तीकरण और उद्योग जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वाली डॉ. स्मिता योगेश जाधव ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने नेतृत्व की अलग पहचान बनाई है. शैक्षणिक क्षेत्र में नवाचार, रचनात्मकता और रणनीतिक नेतृत्व का समन्वय करते हुए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. डॉ. जाधव ने पीएचडी (शिक्षा), एमबीए (वित्तीय प्रबंधन) और बीई (कंप्यूटर) की उपाधियां प्राप्त की हैं. वे पिंपरी स्थित डॉ. डी. वाय. पाटील वेिशविद्यालय की प्र-कुलपति के रूप में कार्यरत हैं. इसके साथ ही वे डॉ. डी. वाय. पाटिल वेिशविद्यालय सोसायटी के सचिव पद की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं. शिक्षा के साथ-साथ मीडिया क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है. वे पुढारी पब्लिकेशन की निदेशक तथा टोमॅटो 94.3 एफएम और आपलं एफएम 91.9 की कार्यकारी निदेशक हैं. कस्तूरी क्लब की अध्यक्ष के रूप में उन्होंने महिलाओं को सामाजिक सहभागिता, नेतृत्व और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न पहल की हैं. कस्तूरी क्लब के माध्यम से 18 हजार से अधिक महिलाओं का नेटवर्क तैयार करने में उनकी अहम भूमिका रही है. इस मंच के जरिए महिलाओं को आत्मवेिशास के साथ सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनके कार्यों में नेतृत्व क्षमता के साथ सामाजिक सरोकार भी दिखाई देता है. विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने शिक्षा, मीडिया और सामाजिक गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया है. महिलाओं को आगे आने के लिए मंच उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें नेतृत्व और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है. उनके बहुआयामी कार्यों के कारण शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी अलग पहचान बनी है. विभिन्न संस्थागत और सामाजिक जिम्मेदारियों के माध्यम से उनका योगदान लगातार जारी है.उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें वेणुताई चव्हाण युवती पुरस्कार, भारत सम्मान निधि पुरस्कार, ग्लोबल वुमेन इंस्पिरेशन अवॉर्ड, एज्युप्रेन्योर ऑफ द ईयर, बेस्ट सीईओ, आउटस्टैंडिंग लीडरशिप इन हायर एजुकेशन और प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड सहित विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. शिक्षा और महिला सशैिक्तकरण के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में उनका कार्य निरंतर जारी है.