पेरिस, 4 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
पेरिस से शुरु छात्राें का आंदाेलन पूरे फ्रांस में फैला.स्कूलाें में बदहाली काे लेकर हिंसा-आगजनी-ताेड़फाेड़ की घटना सामने आयी. अबतक 6000 आंदाेलनकारी गिरफ्तार किए गए.600 से ज्यादा पुलिस कर्मी घायल हाे गए.
छात्र संगठनाें द्वारा कल यानी साेमवार काे पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन का फैसला किया गया. स्कूलाें में जरुरी सुविधा का अभाव, जर्जर बिल्डिंग, गरीबाें के बच्चाें के लिए झाेपडी जैसे स्कूलाें काे लेकर छात्र लगातार आंदाेलन कर रहे ! फ्रांस में इन दिनाें हाईस्कूल के हजाराें छात्र सड़काें पर हैं. स्कूलाें के गेट बंद किए जा रहे हैं, कूड़ेदानाें में आग लगाई जा रही है और कई जगह पुलिस से झड़प हाे रही है. पुलिस ने कुछ जगह आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया है.
आंदाेलन अब इतना बड़ा हाे गया है कि साेमवार से अब तक 5,000 से ज्यादा लाेगाें की गिरफ्तारी हाे चुकी है. शुक्रवार काे ही करीब 1,747 लाेग गिरफ्तार किए गए. शुक्रवार काे करीब 735 शिक्षण संस्थान प्रभावित हुए. इससे पहले गुरुवार काे यह संख्या 1,000 से ज्यादा हाईस्कूल तक पहुंच गई थी. यानी कुछ ही दिनाें में स्थानीय स्तर का आंदाेलन राष्ट्रीय संकट बन गया. छात्र संगठनाें ने अब 6 अक्टूबर काे देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है.
इस आंदाेलन की सबसे बड़ी वजह काेई एक मुद्दा नहीं है. छात्राें की शिकायतें कई साल से चली आ रही स्कूल व्यवस्था से जुड़ी हैं. सबसे बड़ी समस्या शिक्षकाें की कमी है. कई स्कूलाें में शिक्षक नहीं हैं या उनके लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर उनकी जगह दूसरे शिक्षक नहीं मिलते.
इसका सीधा असर छात्राें की पढ़ाई पर पड़ रहा है. कुछ छात्राें ने बताया कि जरूरी सब्जेक्ट्स की क्लासेस तक कैंसिल करनी पड़ रही हैं.दूसरी बड़ी समस्या भीड़भरी कक्षाएं और खराब इमारतें हैं. कई स्कूलाें में 30 से 35 छात्राें की कक्षाएं चल रही हैं. कहीं पानी की समस्या है ताे कहीं गर्मी और जर्जर इमारताें की शिकायत है.