4000 ढोल ताशा ने एक साथ वादन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड

एक ही समय पर सर्वाधिक ढोल बजाए राज्य की टीमों ने लिया भाग

    05-Oct-2026
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DholTasha
भाेसरी, 4 अ्नटूबर (आ.प्र.)
4 हजार से अधिक ढाेलाें की एक साथ ताल, लगातार 5 मिनट का अनुशासित सामूहिक वादन और शिव-शंभू के जयघाेष के साथ पिंपरी-चिंचवड़ में रविवार काे एक ऐतिहासिक क्षण देखने काे मिला. धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज के ‘स्टैच्यू ऑफ हिंदूभूषण’ काे विश्व रिकाॅर्ड ढाेल-ताशा द्वारा सलामी दी गई. यह समाराेह रविवार (4 अक्टूबर) काे उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ.
 
हिंदूभूषण स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विधायक महेश लांडगे की परिकल्पना से आयाेजित इस समाराेह में एक ही समय पर सर्वाधिक ढाेल बजाने का विश्व रिकाॅर्ड दर्ज किया गया.
 
हिंदूभूषण स्मारक ट्रस्ट, पिंपरी-चिंचवड़ और ढाेल-ताशा महासंघ, महाराष्ट्र राज्य के संयुक्त तत्वावधान में आयाेजित इस समाराेह में पूरे महाराष्ट्र से टीमाें ने भाग लिया. माेशी, स्पाइन राेड और वाघेश्वर मंदिर, चर्हाेली जैसे तीन स्थानाें पर ढाेल-ताशा का वादन किया गया. इससे पहले 2 हजार 650 ढाेल-ताशा वादन का विश्व रिकाॅर्ड था. पिंपरी-चिंचवड़ में अब 4 हजार 112 ढाेल-ताशा वादन का विश्व रिकाॅर्ड स्थापित किया गया.
 
समाराेह की शुरुआत स्वागत और प्रस्तावना से हुई. इसके बाद शिवशंभू गर्जना प्रस्तुत की गई, गाे-सम्मान आह्वान अभियान चलाया गया और मर्दानी खेलाें ने उपस्थित लाेगाें का दिल जीत लिया. विश्व रिकाॅर्ड की तैयारी के लिए ढाेल-ताशा टीमाें की रचना की गई, जिसके बाद पुनः शिवशंभू गर्जना और शंखनाद के बाद छत्रपति संभाजी महाराज काे ढाेल-ताशा की गूंज के साथ सलामी दी गई.