शहर की 34 बड़ी सोसायटीज़ में पानी की किल्लत !

निजी टैंकरों से फ्लैट मालिकों पर आर्थिक बोझ : पवना डैम लबालब होने के बावजूद पानी कटौती से लोग नाराज

    05-Oct-2026
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Tanker 
पिंपरी, 4 अक्टूबर (आ.प्र.)
शहर के कई हाउसिंग साेसायटीज़ काे अपर्याप्त, अनियमित और कम दबाव में पानी मिलने के कारण निवासियाें काे निजी टैंकराें पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इसके चलते फ्लैट मालिकाें पर अतिरिक्त आर्थिक बाेझ पड़ रहा है. शहर की 34 बड़ी साेसायटीज़ पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं और यदि उनकी पानी की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, ताे पिंपरीचिंचवड़ हाउसिंग साेसायटी फेडरेशन ने आंदाेलन करने की चेतावनी दी है.
 
फेडरेशन का कहना है कि पवना बांध 100% भरा हाेने के बावजूद साेसायटीज़ काे पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. नियमित रूप से प्राॅपर्टी टैक्स भरने के बाद भी दैनिक ज़रूरताें के लिए निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे निवासियाें में भारी नाराजगी है. बांध में प्रचुर जलभंडार हाेने के बावजूद टैंकराें पर अतिरिक्त खर्च करना मनपा की जल वितरण व्यवस्था की विफलता है, ऐसा आराेप फेडरेशन ने लगाया है.
 
फेडरेशन ने कहा है कि साेसायटीज़ काे उनकी ज़रूरत के अनुसार नियमित और पर्याप्त दबाव में पानी न मिलने के कारण हज़ाराें परिवाराें काे आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है. इस पृष्ठभूमि में वाॅटर पाइपलाइनाें, क्षेत्रवार पानी के दबाव, आपूर्ति के समय और वास्तविक रूप से मिलने वाले पानी का तत्काल परीक्षण करने की मांग की गई है.
 
नए कंस्ट्रक्शन की अनुमतियाें पर सवालिया निशान माैजूदा हाउसिंग साेसायटीज़ काे पर्याप्त पानी देना जब मुश्किल हाे रहा है, तब नए कंस्ट्रक्शन प्राेजेक्ट्स काे अनुमतियां दी जा रही हैं, यह मुद्दा भी फेडरेशन ने उठाया है. नए प्राेजेक्ट्स काे मंज़ूरी देने से पहले उपलब्ध जल स्राेताें, पानी की आपूर्ति की क्षमता, वितरण व्यवस्था और भविष्य की मांग का पर्याप्त जायज़ा न लिए जाने का आराेप लगाया गया है. कंस्ट्रक्शन की अनुमतियां देते समय शहर की जल आपूर्ति क्षमता का स्वतंत्र रिव्यू लेकर उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए. भविष्य की पानी की मांग काे ध्यान में रखकर ही नए प्राेजेक्ट्स पर निर्णय लिया जाए, यह मांग भी फेडरेशन ने की है.
 
साेसायटीज़ काे अपर्याप्त पानी मिलने के पीछे के तकनीकी कारणाें की जांच कर रिपाेर्ट सार्वजनिक की जाए. जल आपूर्ति, टैंकर और कंस्ट्रक्शन अनुमतियाें से जुड़े फैसलाें की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र व्यवस्था बनाई जाए. टैंकराें पर निर्भरता कम करने तत्काल आपातकालीन जल प्रबंधन याेजना लागू की जाए, यह मांग भी उन्हाेंने की है. हर प्रभाग में जल आपूर्ति के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी का नाम, संपर्क नंबर और आपूर्ति का समय सार्वजनिक किया जाए. जल संकट से जूझ रहे 34 बड़े साेसायटीज़ की जलापूर्ति तुरंत ठीक की जाए; वर्ना आंदाेलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी देते हुए लाेंढे ने कहा है.