'ऑफिस स्पेस' के सौदों में बड़ी छलांग

पुणे ने मुंबई को पछाड़ा; रियल एस्टेट सलाहकार संस्था "कोलियर्स इंडिया" की रिपोर्ट में खुलासा

    05-Oct-2026
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GCC 
पुणे, 4 अ्नटूबर
(आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
ग्लाेबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और फ्लेक्सिबल/काे-वर्किंग स्पेस ऑपरेटराें की ओर से बढ़ी मांग के कारण पुणे के व्यावसायिक रियल एस्टेट क्षेत्र में तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में बड़ी तेजी देखने काे मिली है.
 
कार्यालयीन (ऑफिस) स्थानाें काे लीज पर लेने के मामलाें में पुणे ने राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक राजधानी मुंबई काे पीछे छाेड़ दिया है. रियल एस्टेट सलाहकार संस्था ‘काेलियर्स इंडिया’ की ताजा रिपाेर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर की तिमाही में पुणे में कुल 32 लाख वर्ग फीट के लीजिंग साैदे दर्ज किए गए हैं. अप्रैल से जून (12 लाख वर्ग फीट) की दूसरी तिमाही की तुलना में इसमें 167 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है. इसी अवधि के दाैरान मुंबई में 24 लाख वर्ग फीट के साैदे हुए हैं, और देश के प्रमुख सात महानगराें में पुणे तीसरे, जबकि मुंबई चाैथे स्थान पर खिसक गई है.
 
देश के शीर्ष सात प्रमुख महानगराें में जुलाई से सितंबर तिमाही में कुल 1 कराेड़ 87 लाख वर्ग फीट के ऑफिस स्पेस साैदे हुए हैं, जाे पिछली तिमाही (1 कराेड़ 74 लाख वर्ग फीट) की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक हैं. बेंगलुरु ने 52 लाख वर्ग फीट के साैदाें के साथ देश में पहला स्थान बनाए रखा है, जबकि 33 लाख वर्ग फीट के साथ दिल्ली-एनसीआर दूसरे स्थान पर है.
 
पुणे में 39 लाख वर्ग फीट के नए स्थान उपलब्ध हुए पुणे में बढ़ती मांग के साथ-साथ नए व्यावसायिक स्थानाें की आपूर्ति में भी बड़ी वृद्धि हुई है. इस तिमाही में पुणे में 39 लाख वर्ग फीट के नए स्थान उपलब्ध हुए हैं, जाे पिछली तिमाही (14 लाख वर्ग फीट) की तुलना में 179 प्रतिशत अधिक हैं. इसके विपरीत, मुंबई में नए स्थानाें की आपूर्ति में 62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जहां केवल 8 लाख वर्ग फीट के नए स्थान बाजार में आए हैं. पारंपरिक प्राैद्याेगिकी क्षेत्र के अलावा बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा, इंजीनियरिंग तथा मेन्यूफे्नचरिंग क्षेत्राें की ओर से ऑफिस स्पेस की भारी मांग देखी गई है.