चिंचवड़, 4 अ्नटूबर (आ.प्र.)
किसी पल काे कैमरे में कैद करने वाली ‘क्लिक’ कितना व्यापक अर्थ व्यक्त कर सकती है, कितने सवाल खड़े कर सकती है और साेचने पर मजबूर कर सकती है, इसका अहसास पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शहराें के समाचारपत्र फाेटाेग्राफराें द्वारा ली गई तस्वीराें की प्रदर्शनी से हाे रहा है. वरिष्ठ संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर के हाथाें शनिवार (3 अ्नटूबर) काे चिंचवड़ स्थित प्राे. रामकृष्ण माेरे ऑडिटाेरियम के आर्ट गैलरी में प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ.
‘अभिजात मराठी भाषा सप्ताह’ के अवसर पर पुणे श्रमिक पत्रकार संघ और पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के संयुक्त तत्वावधान में प्रदर्शनी का आयाेजन किया गया है.
उद्घाटन के बाद हृदयनाथ मंगेशकर ने प्रदर्शनी की तस्वीराें का अवलाेकन किया. प्रत्येक तस्वीर के पीछे छिपे अर्थ और उससे व्यक्त हाेने वाली भावनाओं की उन्हाेंने सराहना की. उन्हाेंने फाेटाेग्राफराें काे विशेष शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्याें की प्राेत्साहित किया. किसी पल की फाेटाेग्राफी केवल दृश्य काे कैद करने तक सीमित नहीं हाेती, बल्कि उस दृश्य से कई अर्थ सामने आते हैं, इस बात का अहसास यह प्रदर्शनी कराती है. इस अवसर पर पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के अतिरिक्त आयुक्त विक्रम बगाड़े, विपक्ष के नेता भाऊसाहेब भाेईर, पुणे श्रमिक पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष किशाेर बरकले, कार्यकारी समिति के सदस्य मिलिंद शुक्ल, मनपा के विशेष अधिकारी किरण गायकवाड़ सहित विभिन्न क्षेत्राें की गणमान्य हस्तियां और पत्रकार उपस्थित थे.
पुणे पत्रकार प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजेंद्र पाटिल कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे. प्रदर्शनी के आयाेजन के लिए पुणे श्रमिक पत्रकार संघ के कार्यकारी सदस्य तुषार झरेकर के साथ-साथ पिंपरी-चिंचवड़ शहर के समाचारपत्र फाेटाेग्राफराें और पत्रकाराें ने विशेष मेहनत की.