फॉर्म-6 में संशोधन को मंजूरी नहीं दी : सीजेआई

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एसआईआर सहित 14 फैसलों की सुनवाई के दौरान कहा

    06-Oct-2026
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SIR 
नई दिल्ली, 5 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
सुप्रीम काेर्ट ने साेमवार काे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेशकुमार काे हटाने की याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- फाॅर्म-6 में किसी संशाेधन काे मंजूरी नहीं दी थी. बता दें कि सुप्रीम काेर्ट एसआईआर सहित 14 फैसलाें की सुनवाई कर रही थी. वहीं दूसरी ओर मुख्य चुनाव आयु्नत ज्ञानेशकुमार ने कहा था-फाॅर्म-6 साथ एक घाेषणा पत्र काे सुप्रीम काेर्ट द्वारा सही ठहराया गया था, जबकि बेंच ने एक सिरे से नकार दिया. इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत ने ज्ञानेशकुमार व अन्य अधिकारियाें काे नाेटिस जारी किया.
 
हालांकि काेर्ट ने उन्हें निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से ताे इनकार किया, लेकिन चुनाव आयाेग काे नाेटिस जारी कर जवाब मांगा है. काेर्ट ने कहा कि अगर फैसले बिना सहमति के लिए पाए गए, ताे उन्हें वापस लिया जा सकता है. सुनवाई के दाैरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- फाॅर्म-6 में किसी संशाेधन काे सुप्रीम काेर्ट ने मंजूरी नहीं दी है.
 
इसके कुछ घंटे बाद चुनाव आयाेग ने कहा कि 24 जून, 2025 के बिहार एसआईआर आदेश के दाैरान फाॅर्म 6 के साथ एक घाेषणा जाेड़ी गई थी. सुप्रीम काेर्ट ने 27 मई के अपने आदेश में इसे सही ठहराया था. 9 दिन पहले भी चुनाव आयाेग ने प्रेस नाेट में कहा था कि एसआईआर के लिए फाॅर्म-6 के साथ लगाए गए डिक्लेरेशन काे सुप्रीम काेर्ट से मंजूरी मिली है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि काेई खबर 100% सही, आंशिक रूप से सही या गलत हाे सकती है.
 
इसलिए सिर्फ मीडिया रिपाेर्ट के आधार पर सीईसी काे सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता. पहले चुनाव आयाेग का जवाब और रिकाॅर्ड देखना हाेगा.
 
सुप्रीम काेर्ट ने कहा कि चुनाव आयाेग के फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाने चाहिए. यानी तीन सदस्यीय आयाेग में किसी एक सदस्य का अकेले फैसला पूरे आयाेग का फैसला नहीं माना जा सकता.
 
सुप्रीम काेर्ट ने कहा कि पहले रिकाॅर्ड देखना हाेगा. सिर्फ आराेप के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि सभी फैसले सीईसी ने अकेले लिए थे.
 
सुप्रीम काेर्ट ने संकेत दिया कि अगर रिकाॅर्ड से पता चलता है कि काेई फैसला जरूरी प्रक्रिया के बिना लिया गया था, ताे उस पर राेक लगाने पर विचार किया जा सकता है. एसआईआर के खिलाफ 2 पीआईएल दाखिल की गई हैं. राकेश कुमार सिंह ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार काे सस्पेंड करने की मांग वाली याचिका दाखिल की थी. इनकी दलीलें एडवाेकेट विकास सिंह ने रखीं. वहीं दूसरी याचिका शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने लगाई. इनकी ओर से सीनियर एडवाेकेट मेनका गुरुस्वामी पेश हुईं. संविधान में सुप्रीम काेर्ट काे सीईसी काे सस्पेंड करने की काेई स्पष्ट या विशेष शक्ति नहीं दी गई है. आर्टिकल 324 के तहत चुनाव कराने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी चुनाव आयाेग की है, लेकिन आयाेग के फैसलाें की काेर्ट में जांच हाे सकती है.