8 माह में 846 करोड़ की ड्रग्स जब्त; 930 गिरफ्तार

इनमें 111 विदेशी, म्यांमार से आने वाली ड्रग्स का गेटवे बना मिजोरम

    06-Oct-2026
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Drugs 
मिजाेरम, 5 अ्नटूबर (वि.प्र.)
मिजाेरम म्यांमार से आने वाली ड्रग्स का गेटवे बनता जा रहा है. 510 किमी लंबी खुली सीमा का फायदा उठाकर तस्कर जंगलाें और सीमावर्ती गांवाें से हेराेइन और मेथामफेटामाइन भारत ला रहे हैं. बीते 8 माह में 846 कराेड़ रुपए से ज्यादा की ड्रग्स जब्त हुई और 930 लाेगाें काे गिरफ्तार किया गया. इनमें 111 विदेशी भी शामिल हैं. ईडी की ताजा कार्रवाई में म्यांमार के सरगना थिंगचुंगआंग उर्फ चिंतुआंग से जुड़े 22 बैंक खाताें से 4.8 कराेड़ रुपए कुर्क किए गए.
 
जांच में सामने आया कि नेटवर्क ड्रग्स की खरीद, सीमा पार परिवहन, स्टाेरेज, देश के भीतर सप्लाई और हवाला के जरिए भुगतान तक नियंत्रित कर रहा था. तस्करी नेटवर्क सिर्फ म्यांमार से भारत में ड्रग्स भेजने तक सीमित नहीं था. भारत, खासकर गुजरात से स्यूडाेएफेड्रिन टैबलेट और कैफीन एन्हाइड्रस जैसे केमिकल मिजाेरम के रास्ते म्यांमार पहुंचाए जाते थे. इनका इस्तेमाल वहां की अवैध लैब में ड्रग्स बनाने में हाेता था. इसके बाद तैयार ड्रग्स फिर मिजाेरम के रास्ते भारत में लाई जाती थीं. ईडी की पिछली जांच में प्रिकर्सर केमिकल की कराेड़ाें की सप्लाई और हवाला लेन-देन के लिंक भी सामने आए हैं. ड्रग्स की कमाई छिपाने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए नेटवर्क ने कई स्तर बनाए थे. अलग-अलग लाेगाें और फ्रंट कंपनियाें के नाम पर दर्जनाें बैंक खाते खाेले गए. इनमें रकम तेजी से दूसरे खाताें में ट्रांसफर की जाती थी. कई म्यूल खाताें का इस्तेमाल सिर्फ पैसा घुमाने के लिए हाेता था.