शक्कर स्टॉक सीमा घटाकर 100 टन की

केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण आदेश जारी: 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा

    06-Oct-2026
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नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (वार्ता)
सरकार ने त्याेहाराें के माैसम में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार काे डीलर के पास चीनी रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी. यह सीमा 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी.
 
इस बीच सरकार ने शुक्रवार काे कहा उसने थाेक चीनी ग्राहकाें के लिए भंडार रखने की सीमा काे माैजूदा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया है. अभी, जाे थाेक ग्राहक कच्चे माल के ताैर पर उत्पादन, खपत या किसी और औद्याेगिक इस्तेमाल के लिए महीने में 10 टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से 15 दिन तक का भंडार रखने की इजाजत है. खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने एक बयान में कहा अब यह सीमा दाेगुनी कर दी जाएगी.
 
लेकिन यह एक एक शर्त के साथ की जाएगी कि पहले की 15 दिन की सीमा से ज्यादा रखा गया काेई भी भंडार सिर्फ शुल्क दर काेटा (टीआरक्यू) या अग्रिम मंजूरी याेजना (एएएस) के तहत आयात की गई चीनी से ही आना चाहिए.
 
मंत्रालय ने कहा यह फैसला बड़े थाेक ग्राहकाें के साथ विस्तृत बातचीत के बाद लिया गया, जिन्हाेंने त्याेहाराें के माैसम से पहले भंडार रखने की सीमा बढ़ाने की मांग की थी. सरकार ने कहा मिलाें, डीलराें, थाेक विक्रेताओं और अन्य बाजार प्रतिभागियाें काे चीनी की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करनी चाहिए और जमाखाेरी और सट्टेबाजी काे राेकना चाहिए.
 
थाेक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं से यह भी आग्रह किया गया है कि वे मिल से निकलने वाली कीमताें में आई भारी गिरावट का लाभ तुरंत उपभाेक्ताओं तक पहुंचाएं. चीनी मिलाें काे सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्राें की कृषि-जलवायु परिस्थितियाें के अनुरूप पेराई कार्य शुरू करें. राज्य सरकाराें काे भी माैजूदा परिस्थितियाें के आधार पर पेराई के संबंध में उचित कार्रवाई करने काे कहा गया है.