सारसबाग, 6 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)सारसबाग के सामने स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर द्वारा इस वर्ष का सार्वजनिक नवरात्रोत्सव रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. इस उत्सव में घटस्थापना से लेकर विजयदशमी (दशहरा, 20 अक्टूबर) तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. विशेष रूप से, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं के हाथों आरती कराई जाएगी और उनका सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा. इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी. यह जानकारी मंदिर ट्रस्ट की प्रमुख ट्रस्टी अमिता अग्रवाल ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख संस्थापक औराजकुमार अग्रवाल, एडवोकेट प्रताप परदेशी, उत्सव प्रमुख डॉ. तृप्ति अग्रवाल, प्रवीण चोरबेले, हेमंअर्नालकर आदि उपस्थित थे. अमिता अग्रवाल ने बताया कि रविवार कसुब9 बजे ‘बेलराइज इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक श्रीकांत बड़वे और सुप्रिया बड़वे के हाथों द्वारा घटस्थापना की जाएगी. इसक साथ ही, शाम 6 बजे मंदिर में आकर्षक विद्युत रोशनी (लाइटिंग) का उद्घाटन पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार द्वारा किया जाएगा. उत्सव प्रमुख डॉ. तृप्ति ताया कि नवरात्रोत्सव के दिन सोमवार, 12 अक्टूबर को सुबह 6 बजे हलाओं और पुरुषों के लए सामूहिक ‘श्रीसूक्त पाठ’ आयोजित किया जाएगा. इसमें महापौर मंजूषा नागपुरे के साथ ही हजारों महिला एवं देवी-भक्त भाग लेंगे. पुणेवासेि इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है. बताया गया कि ‘श्रृंगार’ की अवधारणा पर आधारित मंदिर में आकर्षक सजावट की जाएगी और मंदिर का भव्य प्रवेश द्वार भी इसी अवधारणा पर तैयार किया जाएगा. इसके अलावा, दस दिनों के दौरान मंदिर में अभिषेक, याग और महाआरती जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. सभी धार्मिक अनुष्ठानों का पौरोहित्य (मंत्रोच्चार एवं विधि) मिलिंद राहुरकर के मार्गदर्शन में संपन्न होगा. सोमवार, 12 अक्टूबर से प्रतिदिन शाम 5 बजे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला शक्ति को मंदिर में सम्मानित किया जाएगा. इसमें महिला किसान व कृषि उद्यमी, वैज्ञानिक, पुलिस अधिकारी, पायलट, जिलाधिकारी, विभिन्न कंपनियों की महिला मानव संसाधन प्रबंधक, साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली अन्य महिलाओं और महिला उद्यमियों को शामिल किया गया है. धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, ढोल-ताशा वादन सेवा, नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से देवी आराधना, बैंजो वादन और माता की चौकी जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 19 अक्टूबर को रात 8:30 बजे मंदिर के सामने सामूहिक गरबा होगा. धार्मिकता को सामाजिकता से जोड़ते हुए, समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला यह सार्वजनिक नवरात्रोत्सव हर साल की तरह इस साल भी महालक्ष्मी मंदिर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा. श्री महालक्ष्मी देवी को सोने की साड़ी पहनाना और रावण दहन कार्यक्रम दशहरा 20 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा. विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी के छात्रों ने रावण की एक भव्य प्रतिकृति तैयार की है. इस उत्सव के दौरान महाराष्ट्र के राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और शैक्षणिक क्षेत्रों के कई प्रमुख व्यक्तित्व मंदिर में दर्शन के लिए आएंगे. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 करोड़ रुपये का बीमा करवाया गया है. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 50 सीसीटीवी कैमरे तथा 50 से अधिक सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे. सुरक्षा के सभी कड़े इंतजाम किए गए हैं. ट्रस्टी बोर्ड ने पुणे के नागरिकों से इस उत्सव में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है.
श्री महालक्ष्मी देवी को पहनाया जाएगा सोने का मुकुट इस वर्ष ‘श्रृंगार’ की संकल्पना रखी गई है. इसी के अनुसार घटस्थापना के दिन श्री महालक्ष्मी देवी को नया सोने का मुकुट पहनाया जाएगा. यह मुकुट 2 किलो वजन का है, जिस पर बेहद आकर्षक नक्काशी और बारीक कारीगरी की गई है. इसके कारण भक्तों को पहले ही दिन से मुकुट धारण किए हुए देवी के मनमोहक रूप के दर्शन करने का अवसर मिलेगा.
अष्टलक्ष्मी का भव्य जुलूस और झांकी का होगा प्रदर्शन
13 अक्टूबर को रात 8:30 बजे अष्टलक्ष्मी का भव्य जुलूस निकाला जाएगा. ललिता पंचमी, गुरुवार 15 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे कन्या पूजन का आयोजन किया जाएगा. 16 अक्टूबर को ‘गाथा शिव-शंभू की’ नाम की जीवंत झांकी दिखाई जाएगी, जो इस साल के उत्सव का मुख्य आकर्षण होगी. 19 अक्टूबर को रात 830ः बजे होगा सामूहिक गरबे का आयोजन