येरवड़ा, 7 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटत्रवर्क) डेक्कन कॉलेज (अभिमत विश्वविद्यालय), का 14वां दीक्षांत समारोह मंगलवार(6 अक्टूबर) डेक्कन कॉलेज के ग्राउंड में बने ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ. डेक्कन कॉलेज के कुलपति डॉ. भूषण पटवर्धन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के चेयरमैन प्रो. एस. गुरुमूर्ति प्रमुख अतिथि के तौर पर मौजूद थे. कार्यक्रम का प्रास्ताविक प्र-कुलगुरू प्रो. प्रसाद जोशी ने किया. इस मौके पर कुल 164 छात्रों को डिग्री दी गईं. साथ ही, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और आर्कियोलॉजी, लिंग्विस्टिक्स और संस्कृत और लेक्सिकोग्राफी सब्जेक्ट्स में 12 रिसर्चर्स को पीएचडी डिग्री दी गईं. होनहार छात्रों को अलग-अलग एकेडमिक पारितोषिक भी दिए गए. जवाहरलाल नेहरू वेिशविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व प्र-कुलगुरू और प्रसिद्ध भाषाविद् प्रो. कपिल कपूर, सावित्रीबाई फुले पुणे वेिशविद्यालय के संस्कृत और प्राकृत भाषा विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और संस्कृत विद्वान प्रो. सरोजा भाटे, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की पूर्व क्षेत्रीय निदेशक और वरिष्ठ पुरातत्वविद् पद्मश्री के. के. मुहम्मद को मानद डी. लिट. डिग्री से सम्मानित किया गया. प्रो. एस. गुरुमूर्ति ने अपने संबोधन में सार्वजनिक जीवन, अर्थव्यवस्था, प्रशासन और भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत दृष्टि को आकार देने में ज्ञान और अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने डेक्कन कॉलेज की लंबी शोध परंपरा और भारतीय इतिहास, संस्कृति, भाषा और भौतिक विरासत के अध्ययन में संस्थान के योगदान पर भी जोर दिया. डॉ. भूषण पटवर्धन ने बताया कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने डेक्कन कॉलेज को अभिजात मराठी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर मंजूरी दी है.