मल्होत्रा वेकफील्ड फाउंडेशन का 20वां वार्षिक समारोह संपन्न

स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कर रहे 123 मेधावी एवं जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान

    08-Oct-2026
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विमाननगर, 7 अक्टूबर (आ.प्र.)

 मल्होत्रा वेकफील्ड फाउंडेशन (एमडब्ल्यूएएफ) द्वारा सहकार नगर/ विमान नगर स्थित सिम्बायोसिस ईशान्य भवन में अपने 20वें वार्षिक छात्रवृत्ति पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया. विज्ञान इस ग्रह पर सभी जीवों का एक अभिन्न अंग है के मुख्य संदेश के साथ आयोजित इस समारोह में विज्ञान में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कर रहे 123 मेधावी एवं जरूरतमंद छात्र- छात्राओं को छात्रवृत्ति देकर सम्मानित किया गया. समारोह के मुख्य मार्गदर्शक और एमडब्ल्यूएएफ के सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आर.ए. माशेलकर ने गुणवत्ता के स्तर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा एआई मनुष्य का सहपाय लट हो सकता है, लेकिन मुख्य पायलट मनुष्य ही रहेगा क्योंकि एआई के पास भावनात्मक बुद्धिमत्ता नहीं होती. उन्होंने सही प्रॉम्प्ट्‌‍स के उपयोग पर जोर दिया. इसके साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों और अपनी पुस्तक ‌‘मोर फ्रॉम लेस फॉर मोर‌’ के माध्यम से समावेशी नवाचार का संदेश दिया. विज्ञान क्षेत्र में असीम संभावनाएं इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के निदेशक और मुख्य अतिथि डॉ. रघुनाथन श्रीआनंद ने दूरस्थ क्वासर पर अपने शोध के अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कैसे ये शुरुआती ब्रह्मांड को समझने में मदद करते हैं. भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ने से डढएच (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं. कौशल निर्माण व पुन र्शिक्षण पर जोर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ. करिश्मा कौशिक ने शोध के अलावा विज्ञान में अन्य करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन करते हुए कौशल विकास और क्षेत्र के अपडेटेड नॉलेज को आवश्यक बताया. वहीं, उद्योगपति प्रदीप भार्गव ने तेजी से बदलती दुनिया में नई तकनीकों और आदतों को सीखने के महत्व पर बात की.  
 
वेकफील्ड के 7 दशकों पर एआई-जनरेटेड फिल्म प्रदर्शित

फाउंडेशन के अध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा ने अतिथियों का स्वागत किया और वेकफील्ड कंपनी की 70 वर्षों की यात्रा पर आधारित एक विशेष एआई-जनरेटेड फिल्म प्रदर्शित की. प्रबंध न्यासी रितु मल्होत्रा ने संस्था के 7 दशकों के अनुभवों और सीखों को साझा किया. कार्यक्रम के अंत में उपाध्यक्ष अश्विनी मल्होत्रा ने बीएससी और एमएससी के बाद विज्ञान स्नातकों के लिए व्यवसाय व रोजगार के अवसरों पर विचार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.