मोतियाबिंद का सही इलाज सर्जरी ही होता है

    08-Oct-2026
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Motibindu 
माेतियाबिंद काे आमताैर पर बड़ी उम्र की बीमारी माना जाता है, लेकिन कई बार यह कम उम्र में भी हाे जाता है. लेकिन घबराने की जरुरत नहीं है.
 
शुरुआत में इसे चश्मे का नंबर बढ़ाकर मैनेज किया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक करने के लिए सर्जरी ही करानी पड़ती है.
 
कहा जाता है कि जिस उम्र में इंसान के बाल सफेद हाेते हैं, उसी उम्र में उसकी आंखाें में माेतियाबिंद भी हाे जाता है. माेतिया बिंद में आंखाें के नेचरल लेंस पर धुंधलापन आ जाता है. दरअसल, हमारी आंखाें के लेंस भी काफी हद तक कैमरे के लेंस की तरह ही हाेते हैं. इन लेंस की मदद से रेटिना पर राेशनी पड़ती है और अलग-अलग ऑब्जे्नट्स की ्निलयर प्निचर्स बनती है. आमताैर पर 60 फीसदी लाेगाें में माेतियाबिंद की बीमारी 60 साल की उम्र के बाद ही हाेती है. इसीलिए इसे उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता है.
दरअसल, आंखाें के लेंस प्राेटीन से बने हाेते हैं. डायबिटीज, उम्र के प्रभाव, स्माेकिंग, इंजरी और स्टेराॅयड वगैरह लेने से लेंसाें की नुकसान पहुंचता है.