शहर में जल कटौती का संकट गहराया !

5% के बजाय अब 10 प्रतिशत होगी पानी की कटौती : नागरिकों की बढ़ेगी परेशानी

    08-Oct-2026
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WaterShortage 
पिंपरी, 7 अक्टूबर (आ.प्र.)
शहर काे 770 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) पानी की आवश्यकता है, जबकि केवल 665 एमएलडी पानी की आपूर्ति ही हाे पा रही है. इस कारण विभिन्न इलाकाें से कम दबाव और अपर्याप्त पानी की शिकायतें लगातार आ रही हैं. हालांकि, अल नीनाे के प्रभाव के कारण वर्षा में बड़ी गिरावट काे देखते हुए, अगले एक वर्ष की स्थिति का आकलन करते हुए राज्य जल संसाधन विभाग ने 16 अक्टूबर से 10% और जल कटाैती लागू करने के निर्देश दिए हैं. आज की स्थिति में 105 एमएलडी पानी की कमी के बीच यह और कटाैती हाेने से नागरिकाें के लिए भारी समस्या पैदा हाेने वाली है.
 
वर्तमान में शहर काे पवना बांध से 540, आंद्रा से 95 और एमआईडीसी से 30, इस प्रकार कुल 665 एमएलडी पानी की आपूर्ति हाे रही है. शहर में 25 नवंबर 2019 से एक दिन छाेड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है. इस निर्णय काे अगले महीने 7 साल पूरे हाे जाएंगे, फिर भी एक दिन छाेड़कर ही पानी दिया जा रहा है. इस वर्ष राज्य में बारिश की भारी कमी के कारण सूखे की स्थिति और गंभीर हाे गई है.
 
राज्य और पुणे जिले के कुछ तहसीलाें में सरकार ने सूखा घाेषित किया है. अल-नीनाे के प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्साें में बारिश में काफी गिरावट आई है.
 
इसके बावजूद शहर काे पानी की आपूर्ति करने वाले पवना और आंद्रा बांध 100% भर चुके थे. मंगलवार के अंत तक पवना बांध में 100% और आंद्रा बांध में 92% जल भंडार बचा हुआ है.
 
सूखे की पृष्ठभूमि में जल संसाधन विभाग ने स्थानीय निकायाें काे 16 अक्टूबर से 10% जल कटाैती करने का आदेश दिया है. इस आदेश का पालन पिंपरीचिंचवड़ शहर में भी किया जाएगा. इसके अनुसार, मनपा के लिए पवना और आंद्रा बांधाें से छाेड़े जाने वाले पानी में कटाैती हाेगी. जबकि शहर काे 770 एमएलडी पानी की आवश्यकता है और केवल 665 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है.
 
इसी वजह से वर्तमान में शहर के कई इलाकाें से कम दबाव और अपर्याप्त जलापूर्ति की लगातार शिकायतें आ रही हैं. वाकड़ क्षेत्र की 200 से 500 फ्लैटाें वाली 34 साेसायटियाें काे मनपा द्वारा केवल 50% ही पानी दिया जा रहा है. ऐसी स्थिति में राज्य के जल संसाधन विभाग ने 16 अक्टूबर से 10% अतिरिक्त जल कटाैती लागू करने के निर्देश दिए हैं. पहले से ही 105 एमएलडी पानी की कमी हाेने के बीच और कटाैती हाेने से नागरिकाें काे पानी के लिए काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ सकता है.