देश के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा: मोदी

देश के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा: मोदी

    08-Oct-2026
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ViksitBharat 
नई दिल्ली, 7 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
7 अ्नटूबर भारतीय लाेकतंत्र के इतिहास में स्वर्णिम दिन है. यह प्रतिपादन प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने किया. वे बुधवार काे आयाेजित एक कार्यक्रम में उपस्थित लाेगाें काे संबाेधित कर रहे थे.पीएम माेदी के जनसेवा के 25 साल पूरे हाेने पर बधाइयाें का तांता लगा. इस माैके पर पीएम ने कहा- भारत के विकसित हाेने तक न थकूंगा, न रुकूंगा.
 
‘वी विल डू इट... हम करके दिखाएंगे.’ पीएम माेदी ने इस नारे का 19 बार जिक्र किया. उन्हाेंने एक घंटे की स्पीच में कहा, ‘जब तक भारत विकसित नहीं हाेता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा.’ उन्हाेंने कहा, मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीता हूं्. जिसने मुझे गिराया, उसी ने खड़ा हाेना सिखाया. जिसने मेरा विराेध किया, उसने लाेकतंत्र की शक्ति समझाई. उन्हाेंने कहा कि 25 साल पीछे मुड़कर देखने पर उपलब्धियाें से ज्यादा कृतज्ञता का भाव आता है. जनसेवा के 25 वर्ष पूरे हाेने पर माेदी आडवाणी के निवास स्थान पर जाकर मिल और उनका आशीर्वाद लिया.
 
माेदी ने कहा- हर घटना ने कुछ सिखाया और नम्र हाेना सिखाया. ईश्वर से यही मांगा कि सीखने की इच्छा कभी कम न हाे. कभी भारत विश्व की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करता था. समय का चक्र बदला, गुलामी का कालखंड आया, भारत काे लूटकर तबाह कर दिया गया. जाे भारत दुनिया काे दिशा दिखाता था, उसके पुस्तकालय जला दिए गए. छाेटे-छाेटे संकट विकराल हाेने लगे. अकाल, कई विभीषिकाएं, लेकिन तब भी मां भारती की संतानाें का साहस नहीं टूटा. पीएम माेदी ने कहा, आज मेड इन इंडिया फाेन का जलवा है. कभी भारत में ब्लैकआउट हेडलाइन बनती थी, आज साेलर पावर के चर्चे हाेते हैं. आज खेती का उदाहरण भी है. आजादी के बाद खेती के बढ़ने की दर किसी दशक में रही ताे 2015-25 के दशक में सबसे ज्यादा रही. पीएम माेदी ने कहा, जब गुजरात पहुंचा ताे प्रशासनिक व्यवस्था का ज्यादा ज्ञान नहीं था, तब सिर्फ जनशक्ति का भराेसा था.