डे्नकन, 7 अक्टूबर
(आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
पुणे में तेजी से बढ़ रही रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास) की प्रक्रिया में काेथरूड ने बढ़त बना ली है. पुणे जिले में पुनर्विकास के संकेत वाले कुल 629 प्राेजेक्ट्स में से 244 प्राेजेक्ट्स अकेले काेथरूड क्षेत्र के हैं.
पुणे की पुनर्विकास सलाहकार और डेटा प्लेटफाॅर्म संस्था ‘ड्रीम्स रीडेवलप्ड’ द्वारा जारी की गई ‘द रीडेवलपमेंट पल्स’ रिपाेर्ट से यह जानकारी सामने आई है. ममहारेराफ के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ाें के आधार पर इस रिपाेर्ट में पुणे के पुनर्विकास की स्थिति का विश्लेषण किया गया है.
रिपाेर्ट के लिए किए गए अध्ययन में पुणे जिले के ‘महारेरा’ में पंजीकृत 4,823 प्राेजेक्ट्स की समीक्षा की गई. इनमें से 629 प्राेजेक्ट्स में पुनर्विकास के संकेत मिले हैं. गाैरतलब है कि काेथरुड क्षेत्र में ‘महारेरा’ के तहत पंजीकृत 410 प्राेजेक्ट्स में से 244 प्राेजेक्ट्स पुनर्विकास से जुड़े हुए हैं, जाे कि लगभग 60 प्रतिशत है. ‘ड्रीम्स रीडेवलप्ड’ के संस्थापक सीए एस.
लक्ष्मीनारायणन ने मंगलवार, 6 अक्टूबर काे एक पत्रकारवार्ता में इस रिपाेर्ट के मुख्य निष्कर्ष सामने रखे. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि रीडेवलपमेंट पुणे के आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है. वर्ष 2017 में नए ‘महारेरा’ पंजीकरणाें में केवल 3.6 प्रतिशत परियाेजनाएं ही रीडेवलपमेंट की थीं. हालांकि, वर्ष 2023 से यह अनुपात हर साल 23 से 26 प्रतिशत के बीच रहा है, और वर्ष 2026 में यह बढ़कर 26 प्रतिशत तक पहुंच गया है. विश्लेषण की गई 1,869 सक्रिय परियाेजनाओं में से 373, यानी 20 प्रतिशत परियाेजनाओं में पुनर्विकास के संकेत मिलते हैं. ‘द रीडेवलपमेंट पल्स’ के लिए 19 सितंबर 2026 काे ‘महारेरा’ के सार्वजनिक पंजीकरणाें से एकत्र किए गए आंकड़ाें का उपयाेग किया गया है.
रिपाेर्ट में परियाेजना पूरा हाेने की समय-सीमा (डेडलाइन) के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें दर्ज की गई हैं. ‘महारेरा’ की मूल समय-सीमा पार कर चुके रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास) प्राेजेक्ट्स में से 26% प्राेजेक्ट्स निरस्त (लैप्स) हाे गए थे, जबकि अन्य प्राेजेक्ट्स में यह आंकड़ा 26.7% रहा. हालांकि, 21.3% रीडेवलपमेंट प्राेजेक्ट्स समय-सीमा में विस्तार (एक्सटेंशन) लेकर जारी थे; अन्य प्राेजेक्ट्स में यह प्रमाण 12.6% था. मूल समय-सीमा पार करने वाले पुनर्विकास प्राेजेक्ट्स काे औसतन 16 महीने का समय-विस्तार मिला है.
शहर में काेथरुड के साथ-साथ रीडेवलपमेंट के प्रमुख क्षेत्र : इस रिपाेर्ट में उल्लेख किया गया है कि काेथरुड के साथ-साथ एरंडवणे-डे्नकन, पर्वतीसहकारनगर, पिंपरी-चिंचवड़, गुलटेकड़ी- बिबवेवाड़ी और शिवाजीनगर-भांबुर्डा रीडेवलपमेंट के प्रमुख क्षेत्र हैं. हालांकि, यह भी अवलाेकन दर्ज किया गया है कि किसी प्राेजेक्ट का स्थान ही उसके समय पर पूरा हाेने का एकमात्र निर्धारक कारक नहीं है.