पटेल अस्पताल के एनआईसीयू में 80 नवजातों को मिली जिंदगी

सभी स्वस्थ होकर डिस्चार्ज : एनआईसीयू में बेड संख्या 10 से बढ़ाकर 14 करने की तैयारी

    09-Oct-2026
Total Views |
 
cdaf
प्रसाद पाठक द्वारा पुणे, 8 अक्टूबर

पुणे कैंटोनमेंट के सरदार वल्लभभाई पटेल कैंटोंन्मेंट अस्पताल में अप्रैल से शुरू की गई नवजात गहन चिकित्सा इकाई ( न्यूओनेटल इंटेसिव केयर यूनिट)) जरूरतमंद नवजात शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा बनकर सामने आई है. अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच करीब 80 नवजात शिशुओं को एनआईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया. खास बात यह है कि इन छह महीनों के दौरान भर्ती सभी मामलों में 100 प्रतिशत जीवित रहने और अस्पताल से छुट्टी मिलने की दर दर्ज की गई है. एनआईसीयू में नवजात शिशुओं की मासिक भर्ती में लगातार वृद्धि हुई है. अप्रैल में जहां केवल 4 शिशुओं को भर्ती किया गया था, वहीं अगस्त में यह संख्या बढ़कर 21 हो गई्‌‍. एनआईसीयू को लेकर बढ़ती पूछताछ और मरीजों की संख्या को देखते हुए अब इसकी क्षमता 10 से बढ़ाकर 14 बेड करने की योजना बनाई गई है. पूछताछ भी लगातार बढ़ी अप्रैल में एनआईसीयू के संबंध में केवल 2 पूछताछ हुई थीं, जो सितंबर में बढ़कर 26 हो गई्‌ं‍. पुणे के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों से भी नवजात शिशुओं को यहां उपचार के लिए भेजा गया है. एनआईसीयू शुरू होने के बाद अस्पताल के प्रसूति वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी अनुमानित 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. अप्रैल से अस्पताल में 10 बेड वाला एनआईसीयू संचालित हो रहा है. इसमें 4 वेंटिलेटर, 4 सीपीएपी मशीनें, 10 रेडिएंट वार्मर और 4 फोटोथेरेपी मशीनें उपलब्ध ह्‌ैं‍. बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए संक्रामक मामलों के लिए अलग आइसोलेशन बेड और नई नवजात एम्बुलेंस शुरू करने की भी योजना है. सोशल पब्लिक पार्टनरशिप (एसपीपी) मॉडल के तहत मौजूदा सरकारी बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित नर्सों और जवाबदेह प्रबंधन की व्यवस्था की गई है. यह केंद्र बिना लाभ के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है, जिससे मरीजों पर उपचार का खर्च कम रहता है. सरदार वल्लभभाई पटेल कैंटोनमेंट अस्पताल की एनआईसीयू परियोजना को बजाज फिनसर्व ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत सहयोग दिया है, जबकि इसका संचालन स्फेरूल फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है. परियोजना का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए गहन चिकित्सा देखभाल की सुविधा लगातार उपलब्ध कराना है.