एलाेवेरा काे घृतकुमारी व घी ग्वार भी कहा जाता है. एलाेवेरा के कई नाम हैं, जैसे संजीवनी बूटी, साइलेंट हीलर, चमत्कारी औषधि, ग्वारपाठा, घृतकुमारी, कुमारी, घी-ग्वार आदि से पुकारा जाता है.
कब्ज से लेकर कैंसर तक के मरीजाें के लिए एक अत्यंत लाभकारी औषधि है. एलाेवेरा बढिया एंटीबायाेटिक और एंटीसेप्टिक के रूप में काम करता है.
एलाेवेरा के इन्हीं गुणाें के कारण कई बीमारियाें काे दूर करने के लिए इसके ज्यूस के सेवन काे भी बहुत लाभदायक माना गया है.
एलाेवेरा में 18 धातु, 15 एमिनाे एसिड और 12 विटामिन माैजूद हाेते हैं जाे खून की कमी काे दूर कर राेगप्रतिराेधक क्षमता बढाता है. एलाेवेरा के कांटेदार पत्तियाें काे छीलकर रस निकाला जाता है.
3 से 4 चम्मच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में चुस्ती व स्ूर्ति बनी रहती है. ऐलाेवेरा शरीर के काेमल तत्वाें काे नुकसान नहीं पहुंचने देता. जिन तत्वाें से बुढापा आता है ऐलाेवेरा उन्हें नष्ट कर देता है. एलाेवेरा जूस पेशाब संबन्धी समस्याओं मे काी अच्छा हाेता है.
महिलाओं मे लिकाेरिया, माहवारी आदि बिमारियाें मे लाभदायक है. पेट के विकाराें से पनपनेवाले कई राेगाें जैसे मधुमेह आदि के इलाज में भी इसकी उपयाेगिता साबित हाे चुकी है. जिससे शरीर में दुर्बलता, अपचन, चक्कर आना, पेट के विकार, हाथ-पांव में जलन या झुनझुनाहट हाेना मानसिक रूप से अस्वस्थ आदि कई लक्ष्ण का पूर्ण निदान हाे सकता है.
एलाेवेरा का ज्यूस मेहंदी में मिलाकर बालाें में लगाने से बाल चमकदार व स्वस्थ्य हाेते हैं.एलाेवेरा का जूस पीने से शरीर में शुगर का स्तर उचित रूप से बना रहता है.
एलाेवेरा का ज्यूस बवासीर, डायबिटीज, गर्भाशय के राेग व पेट के विकाराें काे दूर करता है. एलाेवेरा का जूस पीने से त्वचा की खराबी, मुहांसे, रूखी त्वचा, धूप से झुलसी त्वचा, झुर्रियां, चेहरे के दाग धब्बाें, काले घेराें काे दूर किया जा सकता है. एलाेवेरा का ज्यूस पीने से मच्छर काटने पर ैलने वाले इन्ेक्शन काे कम किया जा सकता है.