टैक्स अधिकारी अब व्यापारियों की सीधे गिरफ्तारी नहीं कर सकेंगे

जीएसटी काउंसिल की 53वीं बैठक में निर्मला सीतारमण का बड़ा फैसला

    09-Oct-2026
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नई दिल्ली, 8 अ्नटूबर (वि.प्र.)
टै्नस अधिकारी अब व्यापारियाें की सीधे गिरफ्तारी नहीं कर सकेंगे.जीएसटी काउंसिल की 53वीं बैठक में निर्मला सीतारमण का बड़ा फैसला लिया.
 
वित्तमंत्री ने कहा - अधिकारी अब काराेबारियाें के साथ मनमानी नहीं कर सकेंगे. 5 कराेड़ से कम की गड़बड़ी पर सिर्फ जुर्माना ही वसूला जाएगा. 10 हजार से कम की टै्नस चाेरी पर नाेटिस भी नहीं दी जाएगी.यदि काराेबार अथवा जीएसटी काे लेकर गड़बड़ी मिली ताे गिरफ्तारी के लिए काेर्ट से आदेश लेना जरुरी हाेगा.व्यापार की बाधा दूर करना हमारा मकसद है. सरकार के निर्णय से व्यापारियाें काे राहत मिलेगी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयाेजित 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में देश के व्यापारियाें और करदाताओं के पक्ष में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है.
 
जीएसटी काउंसिल के नए फैसले के अनुसार, अब जीएसटी कानून के तहत टैक्स अधिकारियाें के पास माैजूद गिरफ्तारी का अधिकार पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है. इसके अलावा, अभियाेजन की सीमा काे 1 कराेड़ से बढ़ाकर 5 कराेड़ कर दिया गया है. न्यूनतम सजा का प्रावधान भी हटा दिया गया है और जुर्माना या जेल का निर्णय अब पूरी तरह से अदालती विवेक पर निर्भर करेगा. जहां किसी गलती के लिए अलग से काेई पेनल्टी तय नहीं है, वहां लगने वाली सामान्य पेनल्टी काे 25,000 से घटाकर 10,000 कर दिया गया है. इससे छाेटे काराेबारियाें और टैक्सपेयर्स काे राहत मिल सकती है. काउंसिल के फैसले के मुताबिक, अगर काेई टैक्सपेयर रिटर्न देर से दाखिल करता है, गलती करता है या भुगतान में पीछे रह जाता है, ताे उससे रिकवरी, ब्याज और अनुपातिक पेनल्टी ली जाएगी.