मतदान का अधिकार गंभीर खतरे में है: पर्व सप्रीम कोर्ट जज

    09-Oct-2026
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राजकाेट(गुजरात), 8 अ्नटूबर (वि.प्र.)
मतदान का अधिकार गंभीर खतरे में है. यह टिप्पणी पूर्व सुप्रीम काेर्ट जज राेहिंटन नरिमन ने की. वे गुजरात के राजकाेट के राजकुमार काॅलेज में एक कार्यक्रम काे संबाेधित कर रहे थे. उन्हाेंने कहा- सही प्रक्रिया के बिना किसी का वाेट का अधिकार छीना नहीं जा सकता है. उन्हाेंने एसआईआर अभ्यास के दाैरान मतदाताओं के मताधिकार से वंचित किए जाने के मद्देनजर चुनाव आयाेग के कामकाज पर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्हाेंने कहा, आप ऐसे चुनाव आयाेग काे नहीं रख सकते जाे इस तरह से काम करे या गलत तरीके से काम करे, और चुनाव आयाेग से संबंधित चिंताजनक घटनाक्रमाें काे ठीक करने के लिए सर्वाेच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की मांग की.
 
उनकी ये टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और अन्य चुनाव आयुक्ताें की नियुक्ति की प्रक्रिया पर चल रही चर्चाओं और चुनाव आयाेग के कामकाज काे लेकर चल रहे विवादाें के बीच आई है. आज मैं जिस पहले मुद्दे काे उठाना चाहता हूं वह यह है कि आज हमारे संविधान के तहत आम आदमी, और अगर मैं कहूं ताे हमारे संविधान का मूल, हमारे लाेकतंत्र का मूल, यानी मतदान का अधिकार, बहुत बड़े खतरे में है. मुझे उम्मीद है कि सर्वाेच्च न्यायालय, एक ऐसी संस्था जिसका मैं कभी सदस्य था, तत्काल हस्तक्षेप करेगा और इन चीजाें काे सुधारेगा. ऐसा चुनाव आयाेग नहीं चल सकता जाे इस तरह से कार्य करे या कुप्रबंधित हाे. उन्हाेंने अनूप बरनवाल मामले में सुप्रीम काेर्ट के 2023 के फैसले का हवाला दिया.