सेंसेक्स 1045 अंक गिरा : 10 लाख करोड़ डूबे

RBI द्वारा रेपो रेट बढ़ाने, महंगाई बढ़ने तथा कच्चे तेल के दाम में उछाल से टूटा बाजार

    09-Oct-2026
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SenSexNifty 
मुंबई, 8 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
सेंसे्नस में 1045 अंकाें की गिरावट से 10 लाख कराेड़ रुपए गुरुवार काे डूब गये. आरबीआई द्वारा रेपाे रेट बढ़ाने, महंगाई बढ़ने तथा कच्चे तेल के दाम में उछाल से काराेबारी हैरान हुए. विदेशी निवेशकाें की लगातार बिकवाली से भी शेयर धड़ाम हुए. काराेबारी सत्राें में 57 हजार कराेड़ के शेयर बिक्री का भी बाजार के टूटने में बड़ा असर दिखने काे मिला. लगातार 9 वें हफ्ते गिरावट ने सटाेरियाें काे बड़ा नुकसान पहुंचाया है.
 
8 अक्टूबर काे शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार काे भारतीय इक्विटी बेंचमार्क काफी दबाव में रहे, जिसके बाद निवेशकाें काे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. दलाल स्ट्रीट पर उतार-चढ़ाव भरे हफ्ते और सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के बीच इनमें गिरावट जारी रही.
 
इडए सेंसेक्स 1.69% या 1,231.91 अंक गिरकर 71,406.79 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया. जबकि निफ्टी 50 में 1.82% या 413.05 अंकाें की गिरावट आई जिसके बाद ये लगभग 22,190 पर आ गया है. इस बिकवाली की वजह से निवेशकाें काे भारी नुकसान उठना पड़ रहा है, उनकी सम्पत्ति में भी भारी कमी देखने काे मिल रही है. अब तक निवेशकाें काे 10,51,614.06 कराेड़ रुपये (10.52 लाख कराेड़ रुपये) का नुकसान हुआ है. इडए पर लिस्टेड सभी कंपनियाें का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन बुधवार काे बाजार बंद हाेने के समय 4,72,35,273.39 कराेड़ रुपये था, जाे अब घटकर 4,61,83,659.33 कराेड़ रुपये हाे गया है.
 
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इस पूरे हफ्तेभर अपने निचले स्तर पर ही रहा है. साेमवार काे जहां बाजार खुलते ही शेयर बाजार में तेजी नजर आई थी, ताे वहीं मंगलवार काे भी हाल ठीक- ठाक ही था. लेकिन बुधवार आते- आते बाजार का हाल बेहाल हाे गया.
गुरुवार काे ताे सेंसेक्स, निफ्टी एक्सटेंड सभी का हाल बुरा नजर आया.
 
दरअसल गुरुवार काे शेयर बाजार की हालत खस्ता हाेने का कारण ठइख का रेपाे रेट बढ़ना भी रहा. बुधवार काे ठइख ने तीन दिवसीय बैठक काे खत्म किया और बताया कि उन्हाेंने रेपाे रेट में 0.25% की बढ़ाेतरी की है. जिसका असर शेयर बाजार की गिरावट पर देखने काे मिला है. इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमताें में इजाफा हाेना, भारतीय रुपये का लगातार कमजाेर बना रहना, रुपये पर दबाव के कारण भी शेयर बाजार तेजी से गिरा है.