एसआईआर के नाम पर देश के साथ धोखा किया जा रहा !

कॉकरोच जनता पार्टी की बेंगलुरु की प्रदर्शन-रैली में ध्रुव राठी केंद्र-चुनाव आयोग पर बरसे

    09-Oct-2026
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SIR 
बेंगलुरु, 8 अ्नटूबर (वि.प्र.)
एसआईआर के नाम पर देश के साथ धाेखा किया जा रहा है. यह प्रतिपादन गुरुवार काे काॅकराेच जनता पार्टी की बेंगलुरु की प्रदर्शन व रैली में ध्रुव राठी ने किया. उन्हाेंने केंद्र सरकार व चुनाव आयाेग पर बरसते हुए कहा-ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देना ही हाेगा. उन्हाेंने मंच से ज्ञानेशकुमार के इस्तीफा की मांग करते हुए तीन सवाल पूछे.
 
पहला बंगाल में चुनाव से पहले 70 लाख नाम हटाए, बाद में फिर जाेड़ दिए आखिर क्यों ? दूसरा बिहार में 40 लाख नाम काटे, भाजपा की मदद की, फार्म भरने के बाद भी नाम नहीं जाेड़े क्यों ? तीसरा यूपी में षडयंत्र के तहत 14 लाख नाम राताें रात जाेड़े गए. गाेवा में सबूताें के बाद भी नाम क्यों नहीं जाेड़े ? अभिजीत दीपके, अभिनेता प्रकाश राज ने भी ज्ञानेशकुमार काे घेरा.
 
इस्तीफा देने तक चुप न बैठने की संकल्प दाेहराया गया. कल जंतर- मंतर पर की रैली में सभी के शामिल हाेने का आह्वान किया. दीपके ने प्रदर्शनकारियाें से ‘नरेंद्र माेदी वाेट चाेर’ और ‘एसआईआर रद्द कराे’ के नारे लगवाकर अपने भाषण की शुरुआत की. उन्हाेंने कहा- पीएम माेदी ने वाेट चाेरी करके चुनाव जीता. जिंदा लाेगाें काे मृत घाेषित कर दिया गया. यह लाेकतंत्र की हत्या है. भाजपा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का नारा देती है, जबकि उनका मकसद ‘वन नेशन, वन पार्टी’ बनाने का है. दीपके ने इसकी तुलना हिटलर से की. उन्हाेंने कहा- 2024 में बीजेपी और कांग्रेस के बीच वाेट शेयर का अंतर सिर्फ 2% था.
भाजपा 400 पार का दावा कर रही थी.
इसलिए चुनाव के रिजल्ट से वह हैरान हाे गई. दीपके ने आगे कहा- नेहरू भारत की रीढ़ थे और उन्हाेंने उन लाेगाें काे भी वाेट देने का अधिकार दिया, जिन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. वहीं ए्नटर प्रकाश राज ने अपने संबाेधन में कहाएसआईआर के जरिए चुनाव आयाेग ने पूरे देश का अपमान किया है. पहले चुनाव अधिकारी नए मतदाताओं के नाम जाेड़ने के लिए घर-घर जाते थे, लेकिन अब मतदाताओं काे अपना नाम हटाए जाने से बचाने के लिए अधिकारियाें के सामने गुहार लगानी पड़ रही है. प्रकाश राज ने कहा कि पहले लाेग तय करते थे कि सरकार काैन बनाएगा, लेकिन एसआईआर के जरिए सरकार तय कर रही है कि काैन वाेट देगा. नाम हटाना महज आंकड़ा नहीं है और इसमें एक पैटर्न दिखाई देता है, जिसमें अल्पसंख्यक, आदिवासी और मुस्लिम मतदाता शामिल हैं. उन्हाेंने कहा कि प्रदर्शन का मकसद सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार काे हटाना नहीं है, क्याेंकि उनके जाने के बाद काेई और उनकी जगह लेगा. हमारी मांग एसआईआर काे खत्म करने और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करने की है. जब तक ये मांगें पूरी नहीं हाेतीं, आंदाेलन जारी रहेगा. अभिजीत दीपके ने बेंगलुरु में प्रदर्शन से पहले साेशल मीडिया पाेस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा.