लक्ष्मी रोड, 31 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पिछले कुछ दिनों से सोने-चांदी के भाव लगातार गिर रहे हैं. यह गिरावट कई ग्राहकों को चकित कर रही है. कुछ ग्राहक दुविधा में हैं और वे भाव और कम होने का इंतजार करते हुए अपनी खरीदारी का फैसला टाल रहे हैं. दूसरी ओर कुछ ग्राहकों को यह खरीदारी का एक शानदार अवसर लग रहा है. अचानक हो रही इस गिरावट का सटीक कारण भले ही न बताया जा सके, लेकिन फिर भी ग्राहकों को समझदारी से निर्णय लेना आवश्यक है, ऐसा सर्राफा व्यापारियों का मानना है. बाजार पर नजर डालें तो पता चलता है कि इन घटी हुई कीमतों का लाभ उठाने के लिए ग्राहक पहले ही ज्वेलरी की दुकानों पर पहुंच चुके हैं. वहीं, कुछ सर्राफा व्यवसायियों का भी यह मानना है कि आभूषण खरीदने और निवेश करने के लिए यह एक बेहतरीन कीमत स्तर (प्राइस लेवल) है. सोने-चांदी के भाव कम होना, घबराने (पैनिक होने) का नहीं ल्कि खरीदारी करने का स्वर्णिम है. कुछ विशेषज्ञ बताते हैं कि रूस, यूक्रेन और सऊदी ने अपने पास मौजूद सोने को बिक्री के लए बाहर निकाल दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की सप्लाई बढ़ गई है. इसका परिणाम यह है कि सोने के भाव कम होते जा रहे हैं. जानकारों का मानना है कि यह सोना खरीदने का एक मौका है. क्योंकि इस दुनिया में कोई भी, कभी भी मार्केट को नहीं समझ सकता कि क्या यह सबसे निचला स्तर (बॉटम) है या नहीं..? लेकिन मौजूदा कीमतों का स्तर खरीदने के लिए अच्छा है. यह अपनी खरीद को एवरेज आउट करने का समय है, क्योंकि लंबे समय में, ग्राहकों या निवेशकों को आज के मुकाबले निश्चित रूप से बहुत बड़े रिटर्न मिलेंगे. सर्राफा व्यवसायी कहते हैं, जब अर्थव्यवस्थाएं अच्छी स्थिति में न हों, तो किस चीज के दाम बढ़ेंगे..? तर्कसंगत सोचिए, व्यावहारिक रूप सोचिए और सोशल मीडिया के बजाय असली विशेषज्ञों और प्रामाणिक लोगों की बात सुनिए, तो वे बताएंगे कि सोने की कीमतें बढ़ने ही वाली हैं.
वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उतार-चढ़ाव
चाहे दीर्घकालिक हो, मध्यम अवधि हो या फिर अल्पकालिक हो - इस दुनिया में कोई भी यह नहीं बता सकता कि कल सोने का क्या भाव रहेगा. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव, तथा चीन और रूस के बैंकों की वजह से वैेिशक अनिश्चितताओं के कारण कीमतों में बहुत उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दीर्घकालिक या मध्यम अवधि की बात करें तो आज से अगले एक या दो साल बाद सोने की कीमतें निश्चित रूप से और ऊपर ही रहेंगी.
टेम्पररी करेक्शन का ग्राहक फायदा उठा रहे
वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतों में एक अस्थायी (टेम्पररी) करेक्शन आया है, जिसका ग्राहक अच्छा फायदा उठा रहे हैं. ग्राहकों को दिवाली और उसके बाद होने वाले विवाह समारोहों के लिए गहनों की आवश्यकता है. इसलिए वे अभी कम हुई कीमतों का लाभ उठाकर खरीदारी कर रहे हैं. ग्राहकों का कहना है कि सोने और चांदी दोनों धातुओं के भाव कभी न कभी ऊपर जाएंगे और इनमें तेजी आएगी. इसलिए, वर्तमान में कम हुए भावों पर सोने-चांदी की खरीदारी करना उनके लिए एक निवेश के रूप में भी फायदेमंद साबित हो रहा है. वर्तमान में भाव कम होने के कारण, गहनों के पसंद आए डिजाइन को बुक करने के बजाय सीधे डिलीवरी लेने की ओर ग्राहकों का रुझान अधिक है. दिवाली होने के कारण सोने, डायमंड, चांदी और चांदी के उपहारों की बहुत मांग है. इसके अलावा, दिवाली के लिए ग्राहकों के लिए कई तरह के ऑफर्स भी शुरू हैं. ऐसा देखने को मिला है कि जो ग्राहक इन भावों से संतुष्ट हैं, वे खरीदारी कर रहे हैं. - दिलबाग सिंह बीर, निदेशक, नीलकंठ ज्वेलर्स
दीपावली निवेशकों का नहीं, ग्राहकों का त्यौहार है
दिवाली के अवसर पर जो खरीदारी होती है, उसे आम ग्राहक करते हैं. इसलिए सोने-चांदी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का इन ग्राहकों पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ता. वे अपने बजट के अनुसार खरीदारी करते हैं, क्योंकि उनके लिए शुभ मुहूर्त की खरीदारी हमेशा महत्वपूर्ण होती है. दिवाली जैसा बड़ा त्यौहार ग्राहकों के लिए होता है, वह निवेशकों का त्यौहार नहीं है. इसके कारण लोग उत्सव मनाने के लिए आवश्यक आभूषण या बुलियन किसी भी रेट पर अपने बजट के अनुसार खरीदते हैं. जिनके घरों में शादियां हैं या जो शुभ मुहूर्त देखकर खरीदारी करते हैं, उनके लिए आभूषणों या दोनों धातुओं की कीमत का कम-ज्यादा होना बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं होता. वर्तमान समय में तो दोनों धातुओं के भाव कम होने के कारण ग्राहकों के लिए यह एक अच्छा अवसर है, ऐसा निश्चित रूप से कहा जा सकता है. कुल मिलाकर, भाव कम-ज्यादा होने के पीछे का कारण चाहे जो भी हो, लेकिन वर्तमान मूल्य स्तर ग्राहकों के लिए निश्चित रूप से फायदेमंद साबित हो रहा है. - फतेचंद रांका, अध्यक्ष, पुणे सराफ
एक्सक्लूजिव सुरक्षित निवेश के रुप में सोने से बेहतर विकल्प नहीं
आजकल दिक्कत यह हो गई है कि दुर्भाग्य से हर कोई एक ‘इन्फ्लुएंसर’ बन गया है और सोशल मीडिया पर हर कोई बहुत-बहुत ज्ञानी बन बैठा है. तो इन झूठे एक्सपर्ट्स को न सुनकर, असली लोगों की सुनें. अपने उस जौहरी (ज्वेलर) के पास जाएं, जिस पर आप भरोसा करते हैं, और उनसे पूछें कि उनकी क्या राय है..? सोने-चांदी के भाव या भविष्य के बारे में राय बनाते हुए किसी गिमिक्स, पाखंड, या ढकोसलों और इस हवाबाजी के चक्कर में न पड़ें. सही समाचारों को सुनिए, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से नहीं, क्योंकि उन्हें बेहद सीमित जानकारी होती है. मेरा यह अनुमान है कि अगले साल सोने के भाव को बढ़ना ही पड़ेगा, क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मुश्किल में है. दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं संकट में हैं, इसलिए सोने को बढ़ना ही होगा क्योंकि वही एक सुरक्षित निवेश है. महंगाई से बचने के लिए सोने से बेहतर कोई उपाय नहीं है. ऐसी स्थिति में ग्राहकों को सोने की खरीदारी करनी चाहिए और दिवाली का आनंद लेना चाहिए. चाहे तो किश्तों में खरीदारी करें. यह समय खरीदने का है, बेचने का नहीं. - संगीता ललवाणी, निदेशक, गोल्ड मार्ट
महासंघ कस छ बल्कि काल दीपावलीदीपावली ऑफर्स का फायदा ग्राहकों को उठाना चाहिए भले ही सोने के भाव ऊपर-नीचे होते रहते हों, लेकिन अगर अभी की बात करें, तो प्रति 10 ग्राम सोने का भाव कुछ ही दिन पहले डेढ़ लाख तक पहुंच गया था. अब यह करीब 1 लाख 40-42 हजार के आसपास है. अब भाव कम हुए हैं, इसलिए लोगों को खरीदारी करने में कोई हर्ज नहीं है. अगर 22 कैरेट के गहनों की बात करें, तो उनका भाव और भी कम हो जाता है. ग्राहकों को इसका फायदा जरूर उठाना चाहिए. आमतौर पर दिवाली जैसे त्यौहारों में गहनों की वैरायटी भी बहुत मिलती है. इसका निश्चित रूप से लोगों को और ग्राहकों को फायदा मिल सकता है, क्योंकि अभी सभी ज्वेलरों के यहां कुछ ऑफर्स भी होते हैं, उनका फायदा भी ग्राहकों को लेना चाहिए. क्योंकि दिवाली के बाद फिर से सभी ऑफर्स बंद हो जाएंगे. अभी फिलहाल सोने-चांदी के भाव नीचे आए हैं, तो निवेश की दृष्टि से भी लोगों को जरूर विचार करना चाहिए. यानी भाव का कम होना और ऑफर्स, इन दोनों का फायदा इसी समय यानी दिवाली में मिल सकता है. - अभय गाडगिल, निदेशक, पीएनजी