बावधन, 1 नवंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करना है, तो नवाचार, स्टार्टअप और उद्योगों को बढ़ावा देना होगा. युवा पीढ़ी को रोजगार सृजन और उद्यमशीलता को प्राथमिकता देनी चाहिए. इसी माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होगा. ‘कारोबार 9.0’ जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों को उद्यमिता की सीख मिल रही है, ऐसे विचार विशेष पुलिस महानिरीक्षक सुनील फुलारी ने व्यक्त किए. वे ‘कारोबार 9.0 सूर्यभारत जननेक्स्ट स्टार्टअप फेस्ट’ में बोल रहे थे. विद्यार्थियों में उद्यमशील दृष्टिकोण, व्यावसायिक कौशल, प्रबंधन क्षमता और बाजार की समझ विकसित करने के उद्देश्य से सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन (एसआईएमएमसी) तथा सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (एसआईबीएमटी) की ओर से यह पहल की गई. सूर्यदत्त के बावधन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुणे इंटरनेशनल सेंटर के उपनिदेशक हृषिकेश धांड़े, सूर्यदत्त के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया, उपाध्यक्ष एवं सचिव सुषमा चोरड़िया, अधिष्ठाता प्रो. डॉ. प्रतीक्षा वाबले और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षित कुशल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे. कार्यक्रम का उद्घाटन आईटी विशेषज्ञ डॉ. दीपक शिकारपुर और प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया के हाथों हुआ. इस अवसर पर डॉ. अभिजीत शाह, डॉ. पूनम वठारकर, डॉ. मिहिका कुलकर्णी, डॉ. कमलाकर मुंड़े सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे. इन्होंने व्यक्तियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, उद्यमशील दृष्टिकोण और नए अवसर तलाशने के प्रयासों की सराहना की. सुषमा चोरड़िया ने बताया कि ‘कारोबार 9.0’ के अगले चरण में सूर्यभारत इंडस्ट्रियल रिसर्च ज्ञानपीठ (एसबीआईआरडी) के माध्यम से सूर्यदत्त संस्थान समूह के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन और नवाचार विकास का एक विशेष मंच तैयार करने का प्रस्ताव है. प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया और सुषमा चोरड़िया के मार्गदर्शन तथा सूर्यदत्त की सहयोगी उपाध्यक्षा स्नेहल नवलखा की प्रेरणा से प्रो. डॉ. प्रतीक्षा वाबले के नेतृत्व में डॉ. विवेक स्वामी, डॉ. हर्षद भड़ंगे, डॉ. दीपाली देसाई, डॉ. सुनेत्रा गायतोंडे, डॉ. प्रल्हाद जोशी, डॉ. शीतल भुसारे, डॉ. ज्योति गायकवाड़, डॉ. आनंद गायकवाड़, प्रो. नीलम तोतलानी, प्रो. अंजलि मुलीक, डॉ. रसिका दिघे, डॉ. प्रिया बऱ्हाटे और प्रो. प्रियांका वानखेड़े ने विद्यार्थी समूहों का मार्गदर्शन किया. प्रो. डॉ. सुनील धनगर ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डॉ. प्रतीक्षा वाबले ने आभार व्यक्त किए. इस अंतरमहाविद्यालयीन व्यावसायिक प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने भारत की यूनिकॉर्न स्टार्टअप कंपनियों के कारोबारी मॉडल, नवाचार, विपणन रणनीतियां, निवेश की यात्रा और विकास की कहानियां प्रस्तुत कीं. हृषिकेश धांड़े ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए वास्तविक व्यावसायिक जगत का अनुभव प्राप्त करने वाला साबित हुआ है. इस अवसर पर पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुनील फुलारी को ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया.
योग्यता होना आवश्यक
प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया ने कहा, विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान की प्रवृत्ति, निर्णय लेने की क्षमता और व्यावसायिक अवसरों को पहचानने की योग्यता होना आवश्यक है. सफल स्टार्टअप और यूनिकॉर्न कंपनियों के कारोबारी मॉडल का अध्ययन करने से विद्यार्थियों को एक विचार से व्यवसाय की स्थापना, निवेश, विकास और विस्तार तक की पूरी प्रक्रिया समझने में मदद मिलती है.