लवले, 1 नवंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) शिक्षा जीवन बदलती है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी देश के भविष्य को बदल देती है. हर डिग्री या योग्यता पर लोगों का वेिशास होना चाहिए. प्रत्येक स्नातक (ग्रेजुएट) को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए. गुणवत्ता केवल बातों में नहीं, बल्कि कक्षाओं, शिक्षण पद्धतियों और छात्रों की उपलब्धियों में दिखाई देनी चाहिए. पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, हर छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का हकदार है, ऐसे विचार महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, लवले में आयोजित एपीक्यूएन अकादमिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में व्यक्त किए. ‘तीव्र गति से बदलते उच्च शिक्षा परिदृश्य में पुनर्कल्पित गुणवत्ता ओशासन’ (ठशळारसळपळपस र्टीरश्रळूीं र्अीीीीरपलश ळप र ठरळिवश्रू उहरपसळपस कळसहशी एर्वीलरींळेप ङरपवीलरशि) इस विषय पर आधारित सम्मेलन का संयुक्त आयोजन सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और एशिया-पैसिफिक क्वालिटी नेटवर्क (अ झटछ) द्वारा किया गया था. राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष प्रो. नागेेशर राव विशिष्ट अतिथि के रुप में मौजूद रहे जबकि सिम्बायोसिस के संस्थापक और अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एस. बी. मुजूमदार ने समारोह की अध्यक्षता की. एपीक्यूएन की अध्यक्ष डॉ. गैलिना मोतोवा, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की कुलाधिपति डॉ. विद्या येरवड़ेकर और सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रामकृष्णन रमन समारोह में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्ति थे. प्रो. नागेेशर राव ने अपने संबोधन में कहा, उच्च शिक्षा को अधिक लचीला और विद्यार्थी-केंद्रित होना चाहिए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति बहु-स्तरीय प्रवेश और निकास के विकल्पों को बढ़ावा देती है. यह अकादमिक क्रेडिट ट्रांसफर को भी प्रोत्साहित करती है. हमें शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करना होगा और इसे छात्रों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाना होगा.
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शैक्षणिक सुधार हेतु काफी महत्वपूर्ण
मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा, हमारे वेिशविद्यालयों को युवाओं को ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता से लैस करना चाहिए. कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा में बदलाव ला रही है. शैक्षणिक मानकों में सुधार करने और छात्रों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है.