नई दिलली, 2 नवंबर (वि.प्र.)
दिल्ली पुलिस और वकीलाें के बीच चल रहे विवाद ने एक नया माेड़ ले लिया है. शाहदरा थाने में पुलिस और वकीलाें के बीच हुई झड़प के बाद, वकीलाें के कथित दबाव में आकर एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार का तबादला किए जाने के विराेध में दिल्ली पुलिस के जवानाें ने पुलिस मुख्यालय के बाहर जाेरदार प्रदर्शन किया.
दिल्ली पुलिस के इतिहास में यह पहला माैका है जब खाकी वर्दीधारी अपनी ही मांगाें काे लेकर मुख्यालय के बाहर सड़काें पर उतरे हैं. कड़कड़डूमा काेर्ट और शाहदरा थाने के मामले में 26 अक्टूबर काे पुलिस ने वकीलाें के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद वकीलाें ने काम बंद हड़ताल की थी. आराेप है कि इसी दबाव के चलते उच्च अधिकारियाें ने एसीपी और इंस्पेक्टर काे निष्क्रिय यूनिटाें में ट्रांसफर कर दिया. इससे नाराज हाेकर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और महिला कर्मी मुख्यालय पर जमा हाे गए और नारेबाजी करने लगे. इस विराेध प्रदर्शन के दाैरान एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिसमें वकीलाें के खिलाफ दर्ज मामले काे रद्द न करना और प्रदर्शन में शामिल पुलिसकर्मियाें पर काेई कानूनी कार्रवाई न करना शामिल है. इस अप्रत्याशित बगावत और जवानाें के कड़े रुख के बाद आला अधिकारियाें और कमिश्नर के सामने अनुशासन और संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनाैती खड़ी हाे गई है.