हैदराबाद में एग डोनेशन रैकेट का पर्दाफाश

7 राज्यों की 43 महिलाओं को मुक्त किया: हॉस्टल संचालक समेत 9 गिरफ्तार

    03-Nov-2026
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Hyderabad 
हैदराबाद, 2 नवंबर (वि.प्र.)
हैदराबाद के मल्काजगिरी पुलिस आयु्नतालय ने एक बड़े अंतर-राज्यीय अवैध एग डाेनेशन रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने विभिन्न ठिकानाें पर छापेमारी कर 43 महिलाओं काे सुरक्षित बाहर निकाला है और हाॅस्टल संचालक समेत 9 आराेपियाें काे गिरफ्तार किया है. यह गिराेह देश के विभिन्न हिस्साें से आर्थिक रूप से कमजाेर और जरूरतमंद महिलाओं काे हैदराबाद लाकर एग डाेनेशन के अवैध धंधे में धकेल रहा था.
 
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस रैकेट का नेटवर्क बेहद व्यापक था. मुख्य आराेपी अमित शर्मा और उसके सहयाेगी अन्य राज्याें के एजेंटाें के साथ वाट्सएप ग्रुप्स और डिजिटल माध्यमाें से जुड़े रहते थे. जब भी काेई दंपती एग डाेनर के लिए संपर्क करता, ताे उसकी मांग (जैसे जाति, धर्म, रंग, कद, शिक्षा और क्षेत्र) के अनुसार महिलाओं की तस्वीरें और विवरण इन ग्रुपाें में साझा किए जाते थे.
 
महिलाओं काे मिलने वाला भुगतान और एजेंटाें का कमीशन ग्राहकाें की विशिष्ट मांग के आधार पर तय हाेता था. आमताैर पर डाेनर महिला काे प्रति साइकिल 20,000 से 30,000 रुपये देने का वादा किया जाता था. हालांकि, गाेरे रंग, विशेष जाति या उच्च शैक्षणिक याेग्यता जैसी चुनिंदा मांगाें के लिए यह रकम 50,000 रुपये तक पहुंच जाती थी.मल्काजगिरी की पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने बताया कि इस बात की भी गहन जांच की जा रही है कि क्या निजी आईवीएफ केंद्र और असिस्टेड रिप्राेडक्टिव टेक्नाेलाॅजी बैंक इस गैरकानूनी नेटवर्क में शामिल थे. पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से भी जानकारी मांगी है कि आईवीएफ केंद्राें ने डाेनर्स के पहचान पत्राें और कानूनी दस्तावेजाें का कितना सत्यापन किया था. छापेमारी के दाैरान पुलिस ने भारी मात्रा में हार्माेनल इंजेक्शन, टैबलेट्स, सीरिंज, सुइयां, माेबाइल फाेन और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दवाओं काे जांच के लिए गांधी अस्पताल भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या महिलाओं काे अनधिकृत रूप से खतरनाक हार्माेनल खुराक दी जा रही थी.