NRI के लिए पुणे व मुंबई बने पसंदीदा डेस्टिनेशन

कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, किराया और परिवार की सुरक्षा का भरोसा; बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉपर्टी खरीदने पैदा कर रहा आकर्षण

    03-Nov-2026
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शिवाजीनगर, 2 नवंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

अनिवासी भारतीयों के लिए पसंदीदा रियल एस्टेट डेस्टिनेशन के रूप में पुणे और मुंबई उभर रहे हैं. खासकर भारत में घर खरीदते समय उनकी सोच अब केवल इन्वेस्टमेंट रिटर्न और प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी से आगे की है. कई ऐसे मुद्दे हैं जो उनके खरीदारी के फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है जिनमें- बेहतर कनेक्टिविटी, गुणवत्तापूर्ण निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाएं, किराए से होने वाली आय की संभावना और अपने बुजुर्ग माता-पिता को आरामदायक जीवन देने की इच्छा शामिल है. पुणे और मुंबई महानगर क्षेत्र में रियल एस्टेट डेवलपर्स अनिवासी भारतीयों की (एनआरआई) खरीदारों की बदलती पसंद को देख रहे हैं. उनका कहना है कि अब ये खरीदार ऐसे आवासीय घरों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं जो लंबी अवधि की सुविधा, आधुनिक सुविधाएं और जरूरी सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करते हों. कई अनिवासी भारतीयों के लिए भारत में घर खरीदना अब सिर्फ एक वित्तीय निवेश नहीं रह गया है, बल्कि यह अपने परिवार से जुड़े रहने और भविष्य के लिए एक सुरक्षित आवास तैयार करने का माध्यम भी बन गया है. दोनों शहरों में बढ़ती बुनियादी सुविधाएं पुणे और मुंबई को अधिक आकर्षक बना रही है. पुणे में बढ़ते रोजगार के अवसरों, प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थानों, मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं और अपेक्षाकृत आरामदायक जीवन शैली के कारण अनिवासी भारतीयों के लिए घर खरीदने का एक पसंदीदा स्थान बनकर उभरा है. मुंबई से पुणे की नजदीकी उन विदेशी भारतीयों के बीच इसकी अपील को और बढ़ाती है, जो निवेश के साथसाथ निजी उपयोग के लिए भी आवासीय संपत्तियों की तलाश कर रहे हैं. अनिवासी भारतीयों की यह बदलती सोच संपत्ति के मूल्य में वृद्धि (एप्रिसिएशन) पर ध्यान केंद्रित करने वाले खरीदारों से अलग है. वे अब ऐसी खरीदारी को अंतिम रूप देने से पहले स्वास्थ्य सुविधाएं, खासकर अस्पतालों तक पहुंच, आसपास का बुनियादी ढांचा और विकास, सुरक्षात्मक सुविधाएं, रखरखाव की सुविधाएं और कनेक्टिविटी जैसे कारकों पर भी ध्यान दे रहे हैं. भविष्य में भारत वापस लौटने की सोच : जिनके माता-पिता भारत में ही रहते हैं, ऐसे अनिवासी भारतीयों के लिए पुणे ऐसे आवासीय विकल्प प्रदान करता है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक आवश्यकताओं तक आसानी से पहुंच मिलती है. शहर का बढ़ता आईटी और कॉर्पोरेट रोजगार का आधार किराए की मांग को भी बढ़ाता है, जिससे ये आवासीय संपत्तियां उन खरीदारों के लिए आकर्षक बन जाती हैं जो भविष्य में भारत वापस लौटने का विचार कर सकते हैं.  
 
 ग्राहक अब पहले से भी ज्यादा जागरूक हो रहे

पुणे में आईटी, इंडस्ट्री, शिक्षा और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आकर बस रहे हैं. इसके कारण घरों की मांग बनी हुई है. आज ग्राहक भी पहले से ज्यादा जागरूक हो गया है. वह प्रॉपर्टी खरीदने से पहले लोकेशन, क्वालिटी, सुविधाओं और बिल्डर की वेिशसनीयता को अच्छी तरह परखता है. मेरा मानना है कि आने वाले दिनों में रियल एस्टेट मार्केट में और तेजी देखने को मिलेगी. खासकर अच्छी लोकेशन और अच्छी क्वालिटी वाले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी. जो बिल्डर्स ग्राहकों का वेिशास बनाए रखेंगे और अच्छी क्वालिटी के साथ सही कीमत पर घर उपलब्ध कराएंगे, उनके लिए आगे काफी अच्छे अवसर हैं. -राजेश मित्तल एमडी, शुभ डेवलपर
 
 
 
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